कोलकाता : कोलकाता के आवासीय रियल एस्टेट बाजार में मिड-साइज और बड़े फ्लैटों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में 501 से 1,000 वर्ग फुट के फ्लैट सबसे ज्यादा पसंद किए गए, जबकि 1,000 वर्ग फुट से बड़े फ्लैटों के रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर 112% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि खरीदार अब अधिक जगह और बेहतर सुविधाओं वाले घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 (H1 2026) के दौरान कोलकाता मेट्रोपॉलिटन एरिया (KMA) में 26,207 आवासीय फ्लैटों का रजिस्ट्रेशन हुआ। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14% कम है। वहीं, जून 2026 में 3,669 घरों का पंजीकरण हुआ, जो सालाना आधार पर 14% और मासिक आधार पर 21% की गिरावट दर्शाता है। नाइट फ्रैंक इंडिया के अनुसार, रजिस्ट्रेशन में यह कमी मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान बाजार गतिविधियों में आई अस्थायी सुस्ती और पिछले वर्ष के ऊंचे आधार का परिणाम है। इसके बावजूद, बाजार में लेनदेन का स्तर ऐतिहासिक औसत के मुकाबले मजबूत बना हुआ है, जो वास्तविक खरीदारों की स्थिर मांग को दर्शाता है।
नाइट फ्रैंक इंडिया के इंटरनेशनल पार्टनर, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल ने कहा कि H1 2025 के रिकॉर्ड प्रदर्शन के बाद इस वर्ष बाजार में कुछ सामान्यीकरण देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि चुनावी गतिविधियों के समाप्त होने के बाद बाजार में तेजी लौटने की उम्मीद है और मिड-साइज तथा बड़े घरों की बढ़ती मांग आने वाले समय में भी कोलकाता के रियल एस्टेट बाजार की प्रमुख विशेषता बनी रहेगी।
501–1,000 वर्ग फुट के फ्लैट सबसे लोकप्रिय
जून 2026 में 501–1,000 वर्ग फुट के अपार्टमेंट सबसे अधिक पसंद किए गए।
501–1,000 वर्ग फुट: 2,127 रजिस्ट्रेशन (58%)
500 वर्ग फुट से कम: 1,135 रजिस्ट्रेशन (31%)
1,000 वर्ग फुट से अधिक: 407 रजिस्ट्रेशन (11%)
तुलना में, जून 2025 में :
500 वर्ग फुट से कम फ्लैटों की हिस्सेदारी 54% थी।
501–1,000 वर्ग फुट फ्लैटों की हिस्सेदारी 42% थी।
1,000 वर्ग फुट से बड़े फ्लैटों की हिस्सेदारी 4% थी।
H1 2026 में भी बड़ा घर खरीदने का रुझान
पूरे H1 2026 के दौरान भी यही रुझान देखने को मिला।
500 वर्ग फुट से कम: हिस्सेदारी 53% से घटकर 31%
501–1,000 वर्ग फुट: बढ़कर 58%
1,000 वर्ग फुट से अधिक: बढ़कर 10%
यह दर्शाता है कि खरीदार अब पहले की तुलना में अधिक बड़े घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उत्तर कोलकाता सबसे आगे
जून 2026 में उत्तर कोलकाता (North Zone) ने कुल रजिस्ट्रेशन में 37% हिस्सेदारी के साथ पहला स्थान बनाए रखा। खड़दह, बारानगर, बारासात और दमदम जैसे इलाकों में किफायती और मिड-सेगमेंट आवास की उपलब्धता के कारण अच्छी मांग बनी रही।
वहीं दक्षिण कोलकाता (South Zone) की हिस्सेदारी बढ़कर 36% हो गई, जो जून 2025 में 29% थी। यह वृद्धि स्थापित आवासीय क्षेत्रों और उभरते उपनगरीय इलाकों में लगातार बनी मांग को दर्शाती है।
क्रेडाई वेस्ट बंगाल के अध्यक्ष सुशील मोहता ने कहा कि खरीदारों द्वारा संपत्ति खरीदने के निर्णय को कुछ समय के लिए टालने के बावजूद, कोलकाता का आवासीय रियल एस्टेट बाजार लगातार मजबूती और स्थिरता का परिचय देता रहा है।
पिछले छह महीनों में राज्य में चुनावी प्रक्रिया के कारण किसी भी प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर ने कोई बड़ा आवासीय प्रोजेक्ट लॉन्च नहीं किया। आमतौर पर नए प्रोजेक्ट लॉन्च होने पर अग्रिम बुकिंग और बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। नए प्रोजेक्ट्स की अनुपस्थिति में मौजूदा परियोजनाओं की उपलब्ध इन्वेंट्री सीमित हो गई, जिसके कारण बिक्री में कमी दर्ज की गई।
हालांकि, प्रीमियम आवासीय श्रेणी का मजबूत प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि शहर के खरीदारों की आकांक्षाएं बदल रही हैं और वे बेहतर गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं तथा उत्कृष्ट जीवनशैली वाली परियोजनाओं को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रीमियम आवास की यह बढ़ती मांग आने वाले समय में भी कोलकाता के रियल एस्टेट बाजार की वृद्धि का प्रमुख आधार बनी रहेगी।