पार्क स्ट्रीट की इसी स्थान पर सीता उर्फ राशीदा रहती थी 
कोलकाता सिटी

सरकारी ‘आश्रय’ में रहने को तैयार नहीं फुटपाथ निवासी सीता

बेटियों से बिछड़ीं

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पार्क स्ट्रीट के फुटपाथ पर रहने वाली सीता उर्फ राशिदा को सरकारी आश्रय में ठहराने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वह वहां रहने के लिए तैयार नहीं हुई। इस बीच उनकी बड़ी बेटी पूजा विश्वास को बेलियाघाटा स्थित ‘आश्रय’ में रखा गया है, जबकि सीता, उनकी छोटी बेटी और दो नाबालिग नाती कहां हैं, इसे लेकर असमंजस बना हुआ है। भाजपा की ओर से दावा किया गया है कि वे सभी सुरक्षित हैं। पिछले दिनों फुटपाथ पर स्टोव पर दूध गर्म करने को लेकर सीता को मंत्री अग्निमित्रा पाल की फटकार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने फुटपाथ निवासी महिला की मदद की बात कही, जबकि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी उन्हें परिवार सहित आश्रय देने का भरोसा दिया। इसके बाद यह जिम्मेदारी कोलकाता नगर निगम को सौंपी गई।

पार्क स्ट्रीट फुटपाथ पर फिर दिखे सामान, परिवार के बिखरने से बढ़ी चिंता

नगर निगम की पहल पर सीता और उनके परिवार को बेलियाघाटा के लताफत हुसैन लेन स्थित बेघर लोगों के लिए बने ‘आश्रय’ में ले जाया गया। आश्रय के प्रबंधक विश्वजीत अधिकारी के अनुसार, मंगलवार रात सीता को उनके परिवार के साथ वहां लाया गया था, लेकिन उन्होंने वाहन से उतरकर आश्रय में जाने से इनकार कर दिया। बताया गया कि उनके लिए चार बिस्तरों की व्यवस्था की गई थी। वहीं, सीता की बड़ी बेटी पूजा ने बताया कि उन्हें पार्क स्ट्रीट से पुलिस की मौजूदगी में आश्रय केंद्र लाया गया, लेकिन उनकी मां और छोटी बहन से फिर मुलाकात नहीं हुई। बुधवार सुबह तक परिवार के अन्य सदस्यों का पता नहीं चलने पर पूजा परेशान हो गईं। बाद में पता चला कि सीता और उनके परिजनों को पहले राजा राममोहन सरणी स्थित एक अन्य आश्रय केंद्र में भी ले जाया गया था, लेकिन वे वहां भी कुछ देर बाद बाहर निकल गईं। इधर, बुधवार को भी पार्क स्ट्रीट के उसी फुटपाथ पर सीता के परिवार के होने के निशान दिखाई दिए। वहां उनका केरोसिन स्टोव, बिस्तर और अन्य सामान पड़ा था। परिवार के सदस्य अब अलग-अलग जगहों पर रहने को मजबूर हैं।

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