सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पिछले साल दिसंबर में इंडिगो एयरलाइंस की एक सप्ताह तक चली उड़ान बाधा, जिसने कोलकाता समेत देशभर के हवाईअड्डों पर अफरा-तफरी मचा दी थी, उसका असर कोलकाता एयरपोर्ट की रैंकिंग पर भी पड़ा। इस कारण एयरपोर्ट की तिमाही रैंकिंग गिरकर 72 पर पहुंच गई, जो पूरे साल में उसकी सबसे खराब रैंकिंग रही।
हालांकि, कोलकाता एयरपोर्ट ने 2025 की शुरुआत जनवरी–मार्च तिमाही में अब तक की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग 57 के साथ की थी। जुलाई–सितंबर तिमाही में इसकी रैंकिंग 70 रही। पिछली तिमाही में एयरपोर्ट ने 4.9 के समान रेटिंग अंक बनाए रखे, लेकिन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा संचालित त्रिची और देहरादून हवाईअड्डों ने पिछली तिमाही से बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे कोलकाता की रैंकिंग नीचे खिसक गई।
कोलकाता एयरपोर्ट के अधिकारी ने कहा,
“पिछली तिमाही में लगभग सभी पहलुओं में हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन इंडिगो की अव्यवस्था और एयरपोर्ट के अंदर व बाहर चल रहे लगातार उन्नयन और निर्माण कार्यों के कारण रैंकिंग में थोड़ी गिरावट आई। हालांकि, हमने अपने रेटिंग अंक बनाए रखे हैं और 4.7 के लक्ष्य से आगे हैं। आने वाली तिमाही में हम अपनी रैंकिंग सुधारने की पूरी कोशिश करेंगे।”
दिसंबर 2025 की शुरुआत में, कोलकाता एयरपोर्ट समेत पूरे देश में इंडिगो एयरलाइंस के देशव्यापी परिचालन संकट के कारण भारी व्यवधान देखने को मिला, जिसका सीधा असर उड़ानों के शेड्यूल और यात्रियों पर पड़ा। हालांकि बाद में परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हुआ, लेकिन इस अव्यवस्था ने कोलकाता के सर्दियों के यात्रा सीजन को बुरी तरह प्रभावित किया।
बंगलुरु जाने वाली उड़ान रद्द होने से प्रभावित यात्री ने कहा,
“एयरपोर्ट पर मेरा अनुभव बेहद डरावना रहा। मेरी फ्लाइट रद्द हो गई, मेरा सामान कई दिनों तक गायब रहा और दो हफ्ते से ज्यादा समय बाद जाकर रिफंड मिला। अगर उस समय मुझसे एयरपोर्ट सेवाओं की समीक्षा मांगी जाती, तो मैं सिर्फ नकारात्मक बातें ही बताता।”
एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) द्वारा कराए गए वैश्विक एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (ASQ) सर्वे में यात्रियों की संतुष्टि को 5 अंकों के पैमाने पर 31 सेवा मानकों के आधार पर आंका जाता है। ताजा तिमाही में कोलकाता एयरपोर्ट ने 5 में से 4.9 अंक हासिल किए, जो पिछली तिमाही के बराबर हैं। इस दौरान 31 में से 25 सेवा क्षेत्रों में सकारात्मक प्रतिक्रिया बढ़ी। वैश्विक औसत स्कोर 4.4 है।
सर्वे में शामिल यात्रियों ने सुरक्षा जांच में लंबा इंतजार, रेस्तरां में पैसे के हिसाब से उचित सेवा न मिलना, एयरपोर्ट स्टाफ का अधैर्यपूर्ण व्यवहार, कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने में परेशानी, मनोरंजन विकल्पों की कमी और पर्याप्त शौचालयों की अनुपलब्धता को प्रमुख समस्या क्षेत्रों के रूप में बताया। इस तिमाही सर्वे में कुल 16 AAI-संचालित हवाईअड्डों ने भाग लिया।
हालांकि, कोलकाता एयरपोर्ट को वाई-फाई सेवा, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, विनम्र इमिग्रेशन स्टाफ, टर्मिनल तक पहुंच के लिए स्पष्ट संकेत, और शौचालयों की स्वच्छता के लिए सकारात्मक रेटिंग मिली — ये वे क्षेत्र हैं जिनमें एयरपोर्ट को पहले अक्सर आलोचना का सामना करना पड़ता था।