मुख्य बातें
लगभग 50 निजी उड़ानें कोलकाता आईं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान 9 निजी जेट से वीआईपी पहुंचे।
वीआईपी मूवमेंट को लेकर एयरपोर्ट पर सुरक्षा और समन्वय की विशेष व्यवस्था की गई।
नेहा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता एयरपोर्ट पर पिछले दो हफ्तों में उड़ानों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। यह बढ़ोतरी पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के तेज होने और शनिवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह के कारण हुई, जिसमें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और कई बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में कम से कम 50 निजी विमान कोलकाता आए। शुक्रवार और शनिवार को आयोजित बड़े कार्यक्रम के लिए 9 निजी विमानों से विभिन्न गणमान्य व्यक्ति कोलकाता पहुंचे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से कोलकाता पहुंचे, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बीएसएफ के विमान से आए।
एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता एयरपोर्ट पर एक ही दिन में इतने वीआईपी पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में नहीं आए थे। वीआईपी यात्राओं को देखते हुए एयरपोर्ट पर सुरक्षा और आवाजाही को सुचारू बनाने के लिए पहले से बैठकें की गई थीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से कोलकाता पहुंचे
गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री सबसे पहले गुरुवार को पहुंचे, जबकि शुक्रवार को 15 गणमान्य लोग आए। शनिवार को प्रधानमंत्री के अलावा 4 और वीआईपी पहुंचे। शुक्रवार और शनिवार को आए प्रमुख नेताओं में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शामिल थे। शनिवार को आने वाले अन्य नेताओं में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, गोवा के उपमुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू शामिल थे।
वीआईपी परिवहन के लिए डसॉल्ट फाल्कन, सेसना सिटेशन और एम्ब्रेयर जैसी निजी जेट सेवाओं का उपयोग किया गया।
25 से 28 अप्रैल के बीच भी लगभग 40 अतिरिक्त उड़ानें चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल की गईं, जिनमें बीजेपी, टीएमसी और कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी सहित कई नेताओं ने निजी जेट का इस्तेमाल किया। पहले चरण के चुनाव के दौरान भी राहुल गांधी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव सहित कई नेताओं ने निजी चार्टर्ड विमान से प्रचार किया।