सोमवार को संतोष मित्रा स्क्वायर के पूजा पंडाल में उमड़ी लोगों की भीड़ 
कोलकाता सिटी

कोलकाता में 2,981 दुर्गापूजा पंडाल, 20 हजार स्वयंसेवकों के साथ सड़कों पर उतरेगी पुलिस

Deepak Mishra

आज से शुरू होगी तैनाती, चतुर्थी की शाम से सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता :

महानगर में इस बार दुर्गापूजा पंडालों की संख्या में 400 से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष कोलकाता में कुल 2,981 दुर्गापूजा पंडाल बनाए गए हैं। पूजा के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कोलकाता पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। मंगलवार, तृतीया से ही पुलिसकर्मी सड़कों पर तैनात रहेंगे, जबकि बुधवार, चतुर्थी की शाम से सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी। पुलिस अधिकारियों के साथ करीब 20 हजार स्वयंसेवक भी भीड़ प्रबंधन में सहयोग करेंगे। लालबाजार के अनुसार, इस बार सबसे अधिक 685 पूजा पंडाल एसएसडी यानी जादवपुर डिविजन में हैं। इसके बाद बेहला डिविजन का स्थान है, जहां 598 पंडाल बनाए गए हैं। पूजा पंडालों की संख्या बढ़ने के साथ ही छोटे-बड़े सभी पंडालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।जादवपुर डिविजन में सबसे अधिक पूजा पंडालकोलकाता पुलिस के विभिन्न डिविजनों में पूजा पंडालों का ब्योरा इस प्रकार है:जादवपुर (एसएसडी) डिविजन: 685बेहला (एसडब्ल्यूडी) डिविजन: 598पूर्वी कोलकाता डिविजन: 335उत्तर कोलकाता डिविजन: 312दक्षिण कोलकाता डिविजन: 258दक्षिण-पूर्व कोलकाता डिविजन: 208ईस्ट डिविजन: 193भांगड़ डिविजन: 148मध्य कोलकाता डिविजन: 128पोर्ट डिविजन: 116

बड़े पंडालों के आसपास विशेष सुरक्षा

कॉलेज स्क्वायर, मोहम्मद अली पार्क, संतोष मित्रा स्क्वायर और एलन पार्क सहित मध्य कोलकाता के प्रमुख पूजा पंडालों तथा दक्षिण कोलकाता के बड़े पंडालों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रत्येक बड़े पंडाल के पास पुलिस पिकेट तैनात की जा रही है। पुलिसकर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने के साथ यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी दी गई है कि दर्शनार्थियों को एक पंडाल से दूसरे पंडाल तक पहुंचने में परेशानी न हो। इसके लिए प्रवेश और निकास मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस अधिकारी और कर्मचारी रोजाना शाम चार बजे से सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।

दिन में भी पंडालों में उमड़ सकती है भीड़

पुलिस के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग सुबह या दिन के समय ही पूजा पंडालों के दर्शन कर लेते हैं और शाम तक अपने घरों या मोहल्लों में लौट जाते हैं। ऐसे में दिन के समय भी प्रमुख पंडालों में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए महानगर के 27 पूजा पंडालों में दिन के समय भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा, पूजा पंडालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रत्येक पुलिस डिविजन में औसतन 10 से 15 छोटे पंडालों में भी सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इन पंडालों में सार्जेंट या सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के नेतृत्व में चार से आठ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।

20 विशेष गश्ती दल और 30 पीसीआर मोबाइल वैन

पूजा के दौरान सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस दो चरणों में 20 हैवी रेडियो फ्लाइंग स्क्वाड तथा 10 स्पेशल रेडियो फ्लाइंग स्क्वाड तैनात करेगी। इसके साथ ही 30 पीसीआर मोबाइल वैन भी शहर में गश्त करेंगी। इन वाहनों का यातायात पुलिस के साथ लगातार संपर्क रहेगा। किसी पंडाल या आसपास के इलाके में आग लगने जैसी घटना होने पर पुलिस की गश्ती गाड़ियां दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचाने में मदद करेंगी। इ

42 वॉच टावरों से होगी निगरानी

महानगर में सुरक्षा निगरानी के लिए 42 वॉच टावर बनाए गए हैं। इन टावरों से पुलिसकर्मी दूरबीन की मदद से भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। प्रत्येक बड़े पूजा पंडाल के सामने पुलिस सहायता केंद्र भी रहेगा। इसके अतिरिक्त, पूरे शहर में सात मोबाइल पुलिस असिस्टेंस वैन गश्त करेंगी। छह स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस सहायता बूथ बनाए जाएंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए शहर के नौ स्थानों पर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) तैनात रहेगी। इन टीमों में सशस्त्र कमांडो और कॉम्बैट बल के जवान शामिल होंगे।

घाटों पर पुलिस की गश्त, तीन लॉन्च तैनात

प्रतिमा विसर्जन के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाएगी। कोलकाता पुलिस की तीन लॉन्च 15 घाटों पर गश्त करेंगी, जबकि एक अन्य लॉन्च दूसरे घाटों की निगरानी करेगी। विसर्जन के दौरान घाटों पर किसी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए पुलिस और बचाव दल सतर्क रहेंगे। इस वर्ष दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन 21 से 24 अक्टूबर तक चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इस दौरान घाटों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

14 पुलिस एंबुलेंस और 14 ट्रॉमा केयर एंबुलेंस रहेंगी तैयार

दर्शनार्थियों की सुविधा और आपात चिकित्सा सहायता के लिए 14 पुलिस एंबुलेंस तथा 14 ट्रॉमा केयर एंबुलेंस तैयार रहेंगी। भीड़ में लापता होने वाले बच्चों और बुजुर्गों की तलाश के लिए 10 मिसिंग पर्सन्स स्क्वाड की गाड़ियां भी शहर में गश्त करेंगी। इसके अलावा, कोलकाता पुलिस ने 32 मेट्रो स्टेशनों के बाहर भी पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की व्यवस्था की है। पूजा के दौरान मेट्रो से आने-जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए इन स्टेशनों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी।
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