फाइल फोटो  
कोलकाता सिटी

ग्रैंड होटल के बाहर हॉकरों को चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित करेगा केएमसी

कोलकाता : महानगर की ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले ग्रैंड होटल के व्यापक नवीनीकरण कार्य में उसके सामने बैठे हॉकर्स बड़ी बाधा बन रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को होटल प्रबंधन के प्रतिनिधि कोलकाता नगर निगम (केएमसी) पहुंचे और अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, होटल प्रबंधन ने पहले ही निगम को अवगत कराया था कि सामने बड़ी संख्या में हॉकर्स की मौजूदगी के कारण इमारत के अग्रभाग में मरम्मत और सुन्दरीकरण का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। अब जबकि होटल में पूर्ण पैमाने पर नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, प्रबंधन ने निगम से सहयोग की मांग दोहराई है। केएमसी सूत्रों के अनुसार होटल प्रबंधन को पहले ही अवगत करा दिया गया था कि वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही हॉकरों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। केएमसी सूत्रों के अनुसार हॉकरों को चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित किए जाने पर विचार किया जा रहा है।

इस पद्धति के तहत नवीनीकरण कार्य को हिस्सों में बांटकर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि आवश्यकता के अनुसार कुछ हॉकरों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जा सके। वहीं दूसरी तरफ हॉकर संगठनों ने भी सकारात्मक रुख दिखाया है। ज्वाइंट हॉकर्स एक्शन कमेटी के नेता असित साहा ने बताया कि होटल प्रबंधन को बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रैंड होटल कोलकाता की धरोहर है और उसकी विरासत को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।

8 हॉकरों को जारी किया गया ‘सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग’

हॉकरों को कानूनी मान्यता और सुरक्षा देने की दिशा में केएमसी ने अहम पहल की है। गुरुवार को केएमसी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आठ हॉकरों को ‘सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग’ प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मेयर परिषद सदस्य देवाशीष कुमार, मेयर परिषद सदस्य स्वप्न समद्दार और टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्य उपस्थित थे। केएमसी सूत्रों के अनुसार, 2024 की सर्वे सूची में शामिल कुल 8,733 हॉकर्स को चरणबद्ध तरीके से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। वैध प्रमाण पत्र मिलने से हॉकर्स को कानूनी रूप से व्यवसाय करने और पुनर्वास समेत अन्य सुविधाएं पाने में सहूलियत होगी। नए प्रमाण पत्र में क्यूआर कोड होगा, जिससे निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।

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