राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता नगर निगम (KMC) की प्रशासक स्मिता पांडे ने KMC कार्यालय में प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित वेवर स्कीम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने योजना से जुड़ी विभिन्न जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि नगर निगम के 3,86,288 डिफॉल्टर हैं। बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए यह छूट योजना लागू हो गई है। स्मिता पांडे ने बताया कि नगर निगम पर कुल 6,854.29 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है। इसमें मूल कर राशि 3,138.76 करोड़ रुपये, ब्याज 3,314.13 करोड़ रुपये और पेनाल्टी 401.38 करोड़ रुपये शामिल है। छूट योजना आगामी 6 महीने यानी 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी। स्थिति के आधार पर इसकी अवधि दो महीने और बढ़ाई जा सकती है।
आवासीय संपत्तियों पर ब्याज-पेनाल्टी पूरी तरह माफ :
योजना के तहत अलग-अलग श्रेणी की संपत्तियों के लिए अलग-अलग छूट का प्रावधान किया गया है। आवासीय और सरकारी संपत्तियों पर ब्याज और पेनाल्टी में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं, व्यावसायिक संपत्तियों पर ब्याज में 70 प्रतिशत और पेनाल्टी में 99 प्रतिशत की छूट मिलेगी। मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियों पर ब्याज में 80 प्रतिशत और पेनाल्टी में 99 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा, हर बोरो कार्यालय में बनेगा सहायता बूथ :
नागरिक इस योजना का लाभ लेने के लिए KMC की वेबसाइट kmc.wb.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा असेसमेंट कलेक्शन कार्यालयों में जाकर ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। लोगों की सुविधा के लिए प्रत्येक बोरो कार्यालय में असिस्टेंट बूथ बनाया जाएगा। नगर निगम ने इस योजना के तहत 784 करोड़ रुपये कर वसूली का लक्ष्य रखा है। स्मिता पांडे ने बताया कि हाल के दिनों में जिन करदाताओं से पेनाल्टी वसूली गई है, उसे योजना के तहत समायोजित किया जाएगा। वहीं, कोर्ट में लंबित मामलों में केस वापस लेने के बाद योजना के प्रावधानों के अनुसार कर का निपटारा किया जाएगा।