राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने 24 जून 2026 को जारी अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के शहरी विकास एवं नगर प्रशासन (यूडी एंड एमए) विभाग की 26 जून 2026 की अधिसूचना के तहत कुछ विशेष निर्माण एवं सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए अब अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) लेने की आवश्यकता नहीं होगी। नगर निगम के अनुसार, निर्माण स्थलों पर श्रमिकों, आसपास की इमारतों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केवल आवश्यक सुरक्षा संबंधी कार्यों को जारी रखने की अनुमति होगी। इसके तहत बेसमेंट या नींव की खुदाई वाले स्थलों पर शीट पाइलिंग, रिटेनिंग स्ट्रक्चर, खुदाई को सुरक्षित बनाने, डी-वॉटरिंग तथा ब्रेसिंग सिस्टम जैसे कार्य किए जा सकेंगे, ताकि मिट्टी धंसने की आशंका को रोका जा सके और आसपास की संपत्तियां सुरक्षित रहें। इसके अलावा, नगर निगम से स्वीकृत पुराने एवं जर्जर भवनों की मरम्मत और पुनर्स्थापन, जलभराव रोकने तथा मच्छरों के प्रजनन की संभावना समाप्त करने के लिए आवश्यक उपाय, तेज हवाओं से सुरक्षा के मद्देनजर स्कैफोल्डिंग, स्टेजिंग, सुरक्षा जाल (सेफ्टी नेट) और अस्थायी सहायक संरचनाओं को लगाने या हटाने का कार्य तथा पहले से शुरू हो चुके क्रेन लगाने अथवा हटाने के कार्य भी जारी रखे जा सकेंगे। नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी परियोजनाएं, आपातकालीन मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य, स्वीकृत भवन योजना के अनुसार आवासीय भवनों का विस्तार तथा भूतल सहित अधिकतम चार मंजिल (जी+4) तक के आवासीय भवनों का निर्माण भी एनओसी की अनिवार्यता से मुक्त रहेगा। हालांकि, इन श्रेणियों से बाहर आने वाले केएमसी के अधिकार क्षेत्र के बोरो 1 से 16 के अंतर्गत अन्य भवनों, डेवलपर्स, हाउसिंग सोसायटियों एवं व्यक्तियों को निर्माण कार्य जारी रखने की अनुमति तभी मिलेगी, जब राज्य सरकार के मुख्य सचिव के आदेश के तहत गठित उच्च स्तरीय समिति से एनओसी अथवा 'गो अहेड' की मंजूरी प्राप्त होगी। नगर निगम ने बताया कि उच्च स्तरीय समिति के निर्णय की सूचना संबंधित आवेदकों को आयुक्त कार्यालय की ओर से ई-मेल अथवा व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।