कोलकाता : कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के आगामी चुनाव से पहले प्रस्तावित वार्ड परिसीमन को लेकर शनिवार को आयोजित सुनवाई में विभिन्न राजनीतिक दलों और आम नागरिकों ने कई आपत्तियां दर्ज कराईं । 9 सितंबर तक चलने वाली सुनवाई का समय सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। केएमसी की सीएमओ बिल्डिंग में कुल 10 कमरों में सुनवाई की व्यवस्था की गई है। सुनवाई में कांग्रेस की ओर से आशुतोष चट्टोपाध्याय समेत तीन प्रतिनिधि, भाजपा की ओर से अशोक सिन्हा और चित्तरंजन दे, माकपा की ओर से नंदिता राय, कालीघाट तृणमूल कांग्रेस की ओर से कुणाल घोष और वैष्णवनार चट्टोपाध्याय, समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के ऋतुव्रत गुट के जावेद खान तथा आरएसपी के देवाशीष मुखर्जी और शेखर ने भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
भाजपा की आपत्ति: उत्तर कोलकाता जिला भाजपा के महासचिव चित्तरंजन दे ने मानिकतला विधानसभा क्षेत्र में बूथ आवंटन और परिसीमन में असमानता का आरोप लगाया। उनके अनुसार, एक वार्ड में करीब 18 हजार मतदाताओं की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन कहीं यह संख्या 13 हजार के आसपास है, तो कहीं 18 हजार से अधिक। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष डिजिटल माध्यम से एक वैकल्पिक प्लान भी प्रस्तुत किया। उनके मुताबिक, अधिकारियों ने प्रस्ताव पर विचार का आश्वासन दिया है।
आरएसपी का सवाल: आरएसपी के देवाशीष मुखर्जी और शेखर ने वार्ड सीमाओं और परिसीमन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए क्षेत्रीय निरंतरता और व्यावहारिकता का ध्यान रखने की मांग की।
माकपा की आपत्ति: पूर्व पार्षद नंदिता राय ने आरोप लगाया कि पार्ट नंबर 159 और 186 को जादवपुर विधानसभा क्षेत्र से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने पार्ट नंबर 165 को वार्ड 104 में शामिल किए जाने तथा पार्ट नंबर 158 में डबल एंट्री का भी मुद्दा उठाया। अधिकारियों ने शिकायतों की पुनः समीक्षा का आश्वासन दिया है।
कालीघाट तृणमूल की आपत्ति: कुणाल घोष और वैष्णवनार चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया कि परिसीमन में जनसंख्या के बजाय मतदाताओं की संख्या को आधार बनाया जा रहा है। उन्होंने वार्डों की जनसंख्या में असमानता, भौगोलिक विसंगतियों तथा जनसुनवाई और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से पर्याप्त परामर्श नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए। सुनवाई में उठाई गई आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा के बाद परिसीमन के अंतिम स्वरूप पर निर्णय लिया जाएगा।