कोलकाता : आगामी नगर निकाय चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर जोर दिया है। पार्टी के संगठन महासचिव और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने मंगलवार को मौलाली युवा केंद्र में आयोजित संगठनात्मक समीक्षा बैठक में कहा कि जमीनी संगठन को सशक्त किए बिना चुनावी सफलता संभव नहीं है। उन्होंने जिला और ब्लॉक नेताओं को सक्रिय बूथ कमेटियां बनाने तथा जनसंपर्क अभियान तेज करने का निर्देश दिया।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए वेणुगोपाल ने शुभेंदु अधिकारी सरकार के 'एंटी सोशल बिल' को "दमनकारी और अलोकतांत्रिक" बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विपक्ष की आवाज को दबाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विधेयक का हर स्तर पर विरोध करेगी। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से 27 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की भी कड़ी आलोचना की।
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी लाभ के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। मतदाताओं को सूची से बाहर करना संविधान की भावना के खिलाफ है। इस दौरान वेणुगोपाल ने वरिष्ठ पत्रकार आर. राजगोपाल के पासपोर्ट नवीनीकरण में कथित बाधाओं और उत्पीड़न की भी निंदा करते हुए कहा कि यह नागरिक अधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हालिया बयान की भी आलोचना की और कहा कि कांग्रेस ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर उनके कथित भ्रामक वक्तव्य के खिलाफ संसद में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (प्रिविलेज मोशन) दायर किया है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर संसद को गुमराह करना एक गंभीर मामला है।