काशेम सिद्दीकी और कुणाल घोष 
कोलकाता सिटी

काशेम की वापसी से TMC की ‘फ्लोर टेस्ट’ पर चुनौती

ऋतब्रत खेमे से अब तक तीन विधायक कालीघाट में लौटे

कोलकाता : ऋतब्रत बनर्जी खेमे को एक और झटका देते हुए आमडांगा के तृणमूल विधायक काशेम सिद्दीकी सोमवार को ममता बनर्जी समर्थित कालीघाट तृणमूल में लौट आये। विधानसभा में बेलेघाटा के विधायक कुणाल घोष के साथ पत्रकार वार्ता में काशेम ने अपनी वापसी की घोषणा की।

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें यह कहकर गुमराह किया गया था कि ममता बनर्जी उनके साथ रहेंगी। काशेम ने कहा, “मैं दीदी के बिना नहीं किसी अन्य तृणमूल को नहीं समझता। हमने दीदी को देखकर ही चुनाव जीता है।” काशेम की वापसी के बाद कुणाल घोष ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर शक्ति-परीक्षण की मांग तेज कर दी।

उन्होंने स्पीकर से गुप्त मतदान के जरिये फ्लोर टेस्ट कराने की अपील की। कुणाल ने चुनौती देते हुए कहा कि फ्लोर टेस्ट कराया जाए और यह सीक्रेट बैलेट के जरिये हो। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी ने काशेम के दावे को खारिज करते हुए कहा कि वह कभी उनके खेमे में थे ही नहीं। उन्होंने काशेम को अपने विधानसभा क्षेत्र आमडांगा जाने की चुनौती दी।

ऋतब्रत ने कहा कि काशेम लंबे समय से अपने क्षेत्र से गायब हैं और वहां की जनता स्वागत करने के लिए उनका इंतजार कर रही है। गुप्त मतदान की मांग पर ऋतब्रत ने इसे “हास्यास्पद और अजीब” बताया। उन्होंने कहा कि वह फ्लोर टेस्ट के पक्ष में हैं, लेकिन संसदीय परंपरा में गुप्त मतदान के जरिये फ्लोर टेस्ट का प्रावधान उन्होंने कभी नहीं सुना।

उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं, इसका फैसला केवल स्पीकर कर सकते हैं। काशेम की वापसी के साथ ऋतब्रत खेमे से अब तक तीन विधायक कालीघाट खेमे में लौट चुके हैं।

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