कपड़ों और संरचनात्मक सामग्रियों पर फायर रिटार्डेंट केमिकल का छिड़काव जरूरी
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कालीपूजा के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोलकाता पुलिस और अग्निशमन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भूतिया थीम वाले पंडालों से लेकर बड़े पूजा आयोजनों तक, हर जगह सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया जा रहा है। लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप स्थानीय थानों के अधिकारी पंडालों का निरीक्षण कर रहे हैं और अंतिम समय में सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
हाल ही में आयोजित कालीपूजा समन्वय बैठक में पुलिस आयुक्त ने सभी पूजा समितियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखने का निर्देश दिया था। इसके तहत प्रत्येक पूजा समिति के लिए इमरजेंसी इवैक्यूएशन प्लान (आपातकालीन निकासी योजना) तैयार रखना अनिवार्य किया गया है। थाना स्तर के अधिकारी लगातार पूजा आयोजकों के साथ बैठक कर रहे हैं और भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन निकासी तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
आग से बचाव के लिए विशेष इंतजाम
अग्निशमन विभाग और पुलिस की ओर से पंडालों में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। पंडालों में इस्तेमाल होने वाले कपड़ों और संरचनात्मक सामग्रियों पर फायर रिटार्डेंट केमिकल का छिड़काव करना होगा। इसके अलावा प्रत्येक मंडप में पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र और रेत से भरी बाल्टियां रखना भी अनिवार्य किया गया है।
पंडालों के डिजाइन और निकासी व्यवस्था पर सख्ती
इस बार पंडालों के निर्माण और डिजाइन को लेकर भी कई महत्वपूर्ण सुरक्षा नियम लागू किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पंडाल का निकास द्वार प्रवेश द्वार से अधिक चौड़ा और बड़ा होना चाहिए। वहीं, किसी भी पंडाल में अत्यधिक अंधेरा रखने की अनुमति नहीं होगी। भूतिया थीम पर आधारित पंडालों में भी पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करनी होगी, ताकि किसी अप्रिय स्थिति में लोगों को बाहर निकलने में परेशानी न हो। इसके साथ ही मकानों की दीवारों के पास लगे एसी की आउटडोर यूनिट के आसपास पंडाल निर्माण पर प्रतिबंध लगाया गया है। दमकल की गाड़ियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पंडालों के आसपास लगने वाले स्टॉल और अस्थायी दुकानों पर भी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वॉलेंटियर्स को दिया जा रहा अग्निशमन का प्रशिक्षण
सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत बनाने के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से पूजा समितियों के वॉलेंटियर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें आग लगने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों, अग्निशामक यंत्रों के इस्तेमाल और प्राथमिक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य कालीपूजा के दौरान किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित पूजा आयोजन सुनिश्चित करना है। इसके लिए पुलिस और अग्निशमन विभाग संयुक्त रूप से पंडालों की निगरानी कर रहे हैं।