रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
काकद्वीप: तृणमूल कांग्रेस के विधायक मंटूराम पाखिरा के नाम से लगाए गए पोस्टरों को लेकर काकद्वीप में विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार सुबह से काकद्वीप शहर और कई पंचायत क्षेत्रों में विधायक के खिलाफ लगे पोस्टर देखे गए। पोस्टरों में विधायक को ‘खूनी’, ‘बंगाली विरोधी’ और एसआईआर के जरिए नाम कटवाने की साजिश रचने वाला बताया गया है।
रात के अंधेरे में काकद्वीप बाजार, स्टेशन समेत कई पंचायत इलाकों में पोस्टर लगाए जाने की सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रात के अंधेरे में ये पोस्टर किसने लगाए। तृणमूल की ओर से आरोप भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों पर लगाया गया है। काकद्वीप विधानसभा क्षेत्र के तृणमूल कोऑर्डिनेटर ने कहा, “मंटूराम पाखिरा हमारे दल के वरिष्ठ विधायक हैं। कुछ असामाजिक तत्व और भाजपा से जुड़े लोग पार्टी को बदनाम करने के लिए पोस्टर लगा रहे हैं। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।” वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे तृणमूल का आंतरिक गुटीय संघर्ष बताया है। भाजपा मथुरापुर सांगठनिक जिला कमेटी के वरिष्ठ नेता अशोक पुरकाइत ने कहा कि जिस तरह जयनगर के विधायक विश्वनाथ दास के खिलाफ उनकी ही पार्टी के लोगों ने पोस्टर लगाए थे, उसी तरह मंटूराम पाखिरा के खिलाफ भी पोस्टर लगाए गए हैं। भाजपा इस तरह की गंदी राजनीति नहीं करती। विधायक मंटूराम पाखिरा से संपर्क करने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर आरोपितों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।