कोलकाता : विश्वविद्यालय शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर जारी कानूनी पेच को दूर करने की मांग को लेकर जादवपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों के एक वर्ग ‘जूटा’ ने उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को पत्र लिखा है।
शिक्षकों के मुताबिक, राज्य सरकार ने 2017 में यूजीसी के 2010 और 2016 के नियमों के आधार पर पदोन्नति संबंधी नियम जारी किए थे। इसके तहत शिक्षकों की पदोन्नति होती रही। हालांकि, यूजीसी ने 2018 में नए नियम जारी किए, लेकिन राज्य सरकार ने इस संबंध में कोई नया निर्देश जारी नहीं किया।
अब उच्च शिक्षा विभाग ने 15 जुलाई को नई गाइडलाइन जारी की है, जिसे 1 जनवरी 2025 से पूरे राज्य में लागू करने की बात कही गई है। शिक्षकों का कहना है कि जनवरी 2025 से जुलाई 2026 के बीच कई शिक्षकों को पुराने नियमों के तहत पदोन्नति मिली है।
ऐसे में नई गाइडलाइन को पिछली तारीख से लागू करने पर उनकी पदोन्नति और बढ़े हुए वेतन को लेकर भ्रम पैदा हो गया है। 6 अगस्त को जादवपुर विश्वविद्यालय की कार्यसमिति में इस मुद्दे पर चर्चा होनी थी, लेकिन बैठक स्थगित हो गई। जूटा ने चेतावनी दी है कि समाधान नहीं होने पर शिक्षक कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।