कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को ‘जबरन वसूली’ के आरोप में रविवार को उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। खान के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के फलता थाने में सात प्राथमिकी दर्ज हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘खान को रविवार की दोपहर दार्जिलिंग पुलिस की मदद से खोरीबाड़ी थानांतर्गत पानीटंकी बाजार इलाके से गिरफ्तार किया गया।’’ यहां उल्लेखनीय है कि फलता विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को आखिरी फेज के चुनाव हुए थे। सांसद अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत फलता विधानसभा आता है, जो जहांगीर की वजह से पहले से ही बार-बार सुर्खियों में था। चुनाव के दिन भी जहांगीर और उनकी टीम पर वोटिंग में रुकावट डालने, ईवीएम पर टेप लगाने और परफ्यूम लगाने के आरोप लगे थे। पूरे राज्य में तृणमूल कांग्रेस के खराब नतीजों के बाद जहांगीर पब्लिक में नहीं दिखा। हालांकि, चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद उसने फलता तृणमूल ऑफिस खोला और कहा, ‘मैं लड़ूंगा’ लेकिन 19 मई को दोबारा चुनाव से दो दिन पहले जहांगीर ने खुद को चुनाव प्रचार से हटा लिया। हालांकि, उसने घर से ही इसका ऐलान किया। फलता तृणमूल उम्मीदवार गिरफ्तारी से बचने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट गया था लेकिन चुनाव के नतीजों के बाद कोर्ट ने उसकी प्रोटेक्शन हटा दी। तब से अभिषेक के करीबी और कई आरोपों में घिरे जहांगीर पब्लिक की नजरों से छिप रहा था। माना जा रहा है कि तृणमूल नेता नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। इस बीच, फलता स्थित जहांगीर के ऑफिस में तोड़फोड़ की गई। कुछ लोगों ने हथौड़े से ऑफिस का ताला तोड़ दिया। स्थानीय युवक शटर खींचकर ऑफिस में घुसे और एक के बाद एक दरवाजों पर लात मारी। सेंट्रल फोर्स की मौजूदगी में कुछ युवक एक के बाद एक कमरों में घुसे और तलाशी ली।