कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी (JU) परिसर में लगी विवादित और राजनीतिक संदेशों वाली ग्रैफिटी को शनिवार को सफेद रंग से ढक दिया गया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से दिए गए अल्टीमेटम के एक दिन के भीतर की गई। विश्वविद्यालय के जनरल मेंटेनेंस विंग ने करीब छह घंटे तक अभियान चलाकर परिसर की दीवारों पर बनी कई ग्रैफिटी और चित्रों को मिटाया।
सफाई अभियान के दौरान डॉ. एच एल रॉय बिल्डिंग के पास बनी चार्ली चैपलिन की पेंटिंग भी हटा दी गई। इसके साथ ही फासीवाद विरोधी संदेश, नाजी प्रतीक से जुड़ी आकृति, माओवादी नेता किशन जी के समर्थन में लिखे नारे, फिलिस्तीन और अन्य राजनीतिक मुद्दों से संबंधित संदेश भी दीवारों से मिटाए गए।
सीएम के बयान के बाद तेज हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय के पास एक सभा में छात्रों द्वारा लगाए जा रहे कथित ‘आजादी’ के नारों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने ‘कश्मीर मांगे आजादी’ और ‘रेड सैल्यूट किशन जी’ जैसे नारों का जिक्र करते हुए विश्वविद्यालय के माहौल पर सवाल उठाए थे।
मुख्यमंत्री ने फिलिस्तीन से जुड़े नारों का भी विरोध किया और परिसर की ग्रैफिटी को हटाने की बात कही थी। इसके अगले ही दिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने सफाई अभियान शुरू कर दिया।
कार्रवाई के बाद छात्रों और शिक्षकों में चिंता
ग्रैफिटी हटाए जाने पर विश्वविद्यालय के भीतर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ छात्रों ने कहा कि मौजूदा माहौल में विरोध करना जोखिम भरा हो सकता है। छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर और शिकायतों का हवाला देते हुए कई लोगों ने फिलहाल टकराव से बचने को बेहतर माना।
वहीं, कुछ शिक्षकों और छात्रों ने दीवारों पर राजनीतिक और सामाजिक विचारों की अभिव्यक्ति को विश्वविद्यालय की संस्कृति का हिस्सा बताया। एक विश्वविद्यालय अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन के पास कार्रवाई करने के अलावा विकल्प नहीं था। दूसरी ओर, कुछ छात्रों ने संकेत दिया कि सफेद की गई दीवारें आगे नए पोस्टर, चित्र और ग्रैफिटी के लिए फिर से इस्तेमाल की जा सकती हैं।