दो ग्राउंड स्टाफ पहुंचे अस्पताल
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अगरतला के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रही इंडिगो की एक फ्लाइट में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विमान पर अचानक बिजली गिर गई। तेज चमक और जोरदार गर्जना से विमान के भीतर मौजूद यात्री और चालक दल (क्रू) कुछ क्षणों के लिए घबरा गए। हवाईअड्डे के एप्रन क्षेत्र में तैनात 3 कर्मियों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर होने पर छुट्टी दे दी गई। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, बिजली गिरने के बाद उत्पन्न तेज रोशनी और भीषण आवाज से यात्रियों में भय का माहौल बन गया।
कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों ने कुछ समय तक सुनने में हल्की परेशानी की भी शिकायत की। हालांकि विमान के धातु ढांचे के कारण बिजली का प्रवाह बाहरी सतह से होकर सुरक्षित रूप से जमीन में चला गया, जिससे किसी प्रकार का गंभीर नुकसान नहीं हुआ। घटना के बाद एयरलाइन ने मानक सुरक्षा प्रक्रिया के तहत सभी यात्रियों को विमान से उतार लिया और विमान का विस्तृत तकनीकी निरीक्षण कराया। जांच में विमान की बाहरी संरचना, पेंट, संचार प्रणाली और नेविगेशन उपकरणों की बारीकी से समीक्षा की गई। जांच पूरी होने के बाद विमान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया और यात्रियों को दूसरे विमान में स्थानांतरित कर उनकी आगे की यात्रा के लिए अगरतला रवाना किया गया। तूफानी बारिश के कारण कुछ उड़ानों को डायवर्ट किया गया।
विशेषज्ञों की राय
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक विमान बिजली गिरने जैसी घटनाओं को सहने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। विमान की बाहरी संरचना विद्युत धारा को सुरक्षित रूप से प्रवाहित कर देती है, जिससे अंदर बैठे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित रहती है। जब बिजली किसी ऊंची वस्तु, जैसे खंभे या विमान, पर गिरती है तो उसका विद्युत प्रवाह जमीन की सतह पर फैल जाता है। इसी कारण आसपास मौजूद लोगों को करंट का प्रभाव हो सकता है। इससे हृदय की धड़कन प्रभावित होना, कान के पर्दे फटना, जलन, अस्थायी लकवा या अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, ऐसी घटनाओं के बाद मानक सुरक्षा नियमों के तहत गहन जांच अनिवार्य होती है, ताकि किसी भी संभावित तकनीकी नुकसान को पूरी तरह नकारा जा सके।