कोलकाता : भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) ने पश्चिम बंगाल सरकार के उस प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत संस्थान को ‘लीड नॉलेज इंस्टीट्यूट’ (LKI) की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
यह पहल विकसित भारत कार्यक्रम के तहत नीति आयोग के State Support Mission (SSM) से जुड़ी है। सोमवार को हुई ISI काउंसिल की बैठक में प्रस्ताव पर सहमति बनी और अब इसे आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
राज्य की नीतियों में विशेषज्ञता का होगा इस्तेमाल
पश्चिम बंगाल के योजना एवं सांख्यिकी विभाग ने ISI को इस पहल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। संस्थान की लंबे समय से चली आ रही अकादमिक एवं तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग राज्य के विकास और नीतिगत चुनौतियों से निपटने में किया जाएगा।
एक ISI फैकल्टी सदस्य ने इसे संस्थान की विशेषज्ञ क्षमता की पहचान बताया और कहा कि इससे State Vision 2047 तैयार करने में तकनीकी एवं विश्लेषणात्मक सहयोग दिया जा सकेगा।
डेटा एनालिटिक्स से लेकर नीति निर्माण तक भूमिका
लीड नॉलेज इंस्टीट्यूट के तौर पर ISI कोलकाता राज्य के प्रमुख क्षेत्रों की पहचान कर उनके लिए रणनीति तैयार करने में सलाह दे सकता है। इसके अलावा सरकार को योजनाओं की निगरानी एवं मूल्यांकन, डेटा एनालिटिक्स और evidence-based decision making में तकनीकी सहायता मिलने की भी उम्मीद है।
संस्थान डेटा की गुणवत्ता, सत्यापन, एकीकरण और प्रभावी उपयोग को बेहतर बनाने के साथ विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, थिंक टैंक और अन्य ज्ञान साझेदारों के बीच सहयोग बढ़ाने में भी भूमिका निभाएगा।