कोलकाता : भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) और राज्य सरकार के बीच संबंधों को नई दिशा देने की पहल हुई है। के जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार ने ISI को ‘लीड नॉलेज इंस्टीट्यूट’ (LKI) के रूप में काम करने का प्रस्ताव दिया है। यह पहल Viksit Bharat कार्यक्रम के तहत की गई है। प्रस्ताव पर चर्चा के लिए ISI की काउंसिल की बैठक होने की संभावना है।
नीति निर्माण से लेकर डेटा विश्लेषण तक निभाएगा अहम भूमिका
LKI के तौर पर चयनित संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर डेटा विश्लेषण, शोध, नीति तैयार करने, प्रशिक्षण और योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता करता है। यह व्यवस्था केंद्र के नीति आयोग की State Support Mission पहल से जुड़ी है,
जिसका उद्देश्य विशेषज्ञ शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों को राज्य सरकारों के साथ जोड़कर तथ्य आधारित शासन को बढ़ावा देना है। ISI की विशेषज्ञता को देखते हुए प्रस्ताव को राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ISI बिल को लेकर विवाद के बीच आया प्रस्ताव
यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब ISI को लेकर केंद्र के प्रस्तावित ISI Bill पर संस्थान में पिछले एक साल से विवाद और विरोध देखने को मिला है। ISI के शिक्षकों और कर्मचारियों ने आशंका जताई थी कि विधेयक से संस्थान की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है और कोलकाता स्थित इकाई की भूमिका कमजोर हो सकती है।
बाद में संशोधित विधेयक में Board of Governors को संस्थान का प्रमुख नीति-निर्माण निकाय बनाने और उसकी शक्तियों को मजबूत करने का प्रावधान किया गया। विधेयक पिछले महीने संसद में पेश किया गया।
राज्य सरकार के प्रस्ताव को ISI और बंगाल सरकार के बीच बेहतर संस्थागत सहयोग की दिशा में सकारात्मक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। एक प्रशासनिक अधिकारी ने भी इसे संस्थान और राज्य के रिश्तों को मजबूत करने की पहल बताया।