कोलकाता सिटी

इस वर्ष नहीं आयोजित होगी कोलकाता श्री प्रतियोगिता

Madhur

बजट की कमी और निगम चुनाव के मद्देनजर लिया गया फैसला

50 से अधिक पूजा समितियों को मिलता था सम्मान

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता :

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई कई योजनाओं और आयोजनों पर विराम लगने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में अब कोलकाता की लोकप्रिय ‘कोलकाता श्री’ दुर्गा पूजा प्रतियोगिता भी शामिल हो गई है। सूत्रों के अनुसार कोलकाता नगर निगम ने इस वर्ष प्रतियोगिता आयोजित नहीं करने का फैसला किया है। इससे महानगर की दुर्गा पूजा समितियां 50 हजार रुपये की नकद पुरस्कार से वंचित रह जाएंगी। कोलकाता श्री प्रतियोगिता के तहत शहर की दुर्गा पूजा समितियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाता था। प्रतियोगिता में चयनित प्रत्येक विजेता पूजा समिति को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती थी। प्रतियोगिता में ‘मेयर च्वाइस’ जैसी विशेष श्रेणी भी होती थी। निर्णायक मंडल विभिन्न पूजा पंडालों का दौरा कर उनकी सजावट, कलात्मकता और कलाकारों के काम का मूल्यांकन करता था। महाषष्ठी के दिन विजेताओं की सूची घोषित की जाती थी। प्रतियोगिता में 50 से अधिक पूजा समितियों को विभिन्न श्रेणियों में शामिल किया जाता था। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के बाद केएमसी का बोर्ड भंग होने के बाद निगम का संचालन प्रशासक के माध्यम से हो रहा है। आर्थिक दबाव और केएमसी के सामने मौजूद कई अन्य कार्यों को देखते हुए अधिकारियों ने प्रतियोगिता पर होने वाले भारी खर्च से पीछे हटने का निर्णय लिया है। आगामी चुनावों को भी इस फैसले की एक वजह माना जा रहा है। हालांकि, अगले साल कोलकाता श्री प्रतियोगिता दोबारा शुरू की जाएगी या नहीं, इस पर भी अभी विचार नहीं किया गया है।
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