मधुर, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : रक्त की कमी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए स्वास्थ्य भवन ने सभी सरकारी ब्लड बैंकों को नई व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है। अब किसी ब्लड बैंक में जरूरत का रक्त उपलब्ध नहीं होने पर मरीज के परिजनों को दूसरे ब्लड बैंक में भटकने के लिए नहीं कहा जाएगा। ब्लड बैंक को खुद पता लगाना होगा कि आसपास के किस ब्लड बैंक में संबंधित रक्त उपलब्ध है और मरीज के परिजनों को आवश्यक व्यवस्था की जानकारी देनी होगी।
RFID टैग से मिलेगी रक्त की जानकारी
स्वास्थ्य भवन ने रक्त की उपलब्धता की जानकारी को आसान बनाने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल शुरू किया है। इसके तहत प्रत्येक रक्त की थैली पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग लगाया जाएगा। इस टैग के जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि किसी खास ब्लड ग्रुप का रक्त, प्लाज्मा या प्लेटलेट्स किस ब्लड बैंक में उपलब्ध हैं। साथ ही रक्त की उपलब्ध मात्रा, संग्रह की तारीख और उसकी एक्सपायरी की जानकारी भी सिस्टम के जरिए मिल सकेगी।
रक्त उपलब्ध नहीं होने पर भी लौटाना नहीं होगा
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि किसी सरकारी ब्लड बैंक के भंडार में जरूरी रक्त उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज या उसके परिजनों को वापस नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में संबंधित ब्लड बैंक को RFID आधारित सॉफ्टवेयर के जरिए आसपास के अन्य ब्लड बैंकों में रक्त की उपलब्धता की जानकारी हासिल करनी होगी। इसके बाद मरीज के परिजनों को उस ब्लड बैंक से रक्त प्राप्त करने के लिए आवश्यक जानकारी और व्यवस्था उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित ब्लड बैंक की होगी। निर्देशिका में यह भी कहा गया है कि यदि मरीज की ओर से सही तरीके से रक्त की रिक्विजिशन दी गई है, तो उसके परिजनों को रक्त प्राप्त करने के लिए अनावश्यक रूप से इंतजार नहीं करना पड़े।
थैलेसीमिया मरीजों पर विशेष नजर
सरकारी ब्लड बैंकों को थैलेसीमिया मरीजों के मामलों में विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा ब्लड बैंक के कर्मचारियों को मरीजों और उनके परिजनों के साथ मानवीय, विनम्र और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करने को भी कहा गया है।