कोलकाता : अंतर्राष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन की भारत शाखा एवं लायंस क्लब कलकत्ता काकुड़गाछी के संयुक्त तत्वावधान में साल्टलेक स्टेडियम स्थित स्टेडल होटल में आयोजित दो दिवसीय ‘शुभ नवरात्रि डांडिया महोत्सव’ ने कोलकाता के सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई।
मारवाड़ी समाज सहित विभिन्न समुदायों के डांडिया प्रेमियों की बड़ी भागीदारी ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। पारंपरिक संगीत, धार्मिक वातावरण, रंग-बिरंगी वेशभूषा और पारिवारिक सहभागिता से सजे इस समारोह ने उपस्थित लोगों के बीच भारतीय संस्कृति और नवरात्रि की परंपराओं का संदेश दिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके आगमन से आयोजन को अतिरिक्त महत्व मिला। दोनों दिन मां दुर्गा की 21 थालियों से आरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद पारंपरिक डांडिया और गरबा प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया।
शुभ नवरात्रि डांडिया महोत्सव का विधिवत उद्घाटन विभिन्न देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक-व्यावसायिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
इस अवसर पर ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर डॉ. एंड्रयू फ्लेमिंग, बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमिश्नर खालेद मोहम्मद, चीन के एक्टिंग कंसल जनरल औयांग हुईफेंग, नाइजर के मानद कौंसिल राजेंद्र खंडेलवाल, विधायक पीयूष कानोड़िया, मर्चेंट चैंबर एवं अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष संतोष सर्राफ,
सन्मार्ग की अध्यक्ष रुचिका गुप्त, अनिल भूतोड़िया, पप्पू बाजोरिया, हर्षद भयानी, बिमल बैगानी, सूरज चोखानी, पवन ओझा, विशाल बजाज और अमर भरतिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अतिथियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से व्यापक स्वरूप प्रदान किया। आयोजन में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भारतीय संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को प्रमुखता दी गई।
कार्यक्रम के प्रणेता एवं अंतर्राष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक दिनेश बजाज ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने आयोजन की पृष्ठभूमि और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कोलकाता में डांडिया का आयोजन दुर्गापूजा उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया था।
हालांकि, आधुनिकता के प्रभाव और कुछ आयोजनों में सामने आने वाली अवांछनीय घटनाओं के कारण एक ऐसे डांडिया कार्यक्रम की आवश्यकता महसूस की गई, जहां परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित और पारंपरिक वातावरण में उत्सव का आनंद ले सकें।
उन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ अंतर्राष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन ने शुभ नवरात्रि डांडिया की शुरुआत की। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना, धार्मिक एवं पारंपरिक संगीत को प्रोत्साहित करना और बंगाल के विश्वप्रसिद्ध दुर्गापूजा उत्सव के दौरान एक विशुद्ध पारिवारिक आयोजन उपलब्ध कराना है।
दिनेश बजाज के अनुसार, यह आयोजन समय के साथ कोलकाता में पारिवारिक डांडिया की एक विशिष्ट पहचान बन चुका है। उन्होंने सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने और समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने के महत्व पर भी जोर दिया। उपस्थित गणमान्य लोगों ने सम्मेलन के इस प्रयास की सराहना की और आयोजन को भविष्य में और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
सन्मार्ग की अध्यक्षा रुचिका गुप्त ने अपने संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन के डांडिया आयोजन की विशेषताओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई स्थानों पर डांडिया कार्यक्रमों में भाग लिया है, लेकिन इस आयोजन का वातावरण उन्हें अलग और विशिष्ट लगा।
उन्होंने पारिवारिक सहभागिता, पारंपरिक एवं धार्मिक गीतों और आयोजन की सांस्कृतिक गरिमा को इसकी प्रमुख विशेषता बताया। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों का अपने परिवारों के साथ पहुंचकर उत्सव का आनंद लेना इस कार्यक्रम की सफलता और लोकप्रियता को दर्शाता है।
उनके वक्तव्य ने इस बात को रेखांकित किया कि पारंपरिक संगीत और पारिवारिक वातावरण के साथ आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही। आयोजकों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष दिनेश बजाज के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्हें देर रात भी बड़ी संख्या में समाज के लोगों से मिलने और संवाद करने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों के सुख, समृद्धि, विकास और प्रगति की कामना की। उन्होंने बंगाल की उन्नति के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राज्य के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने विकास की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता के महत्व पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अंतर्राष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष दिनेश बजाज के साथ मां दुर्गा की आरती की। इस धार्मिक अनुष्ठान के साथ इस वर्ष के डांडिया समारोह का समापन हुआ। मुख्यमंत्री की सहभागिता ने कार्यक्रम को सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष पहचान प्रदान की तथा आयोजन में उपस्थित लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।
दोनों दिन शुभ नवरात्रि डांडिया महोत्सव में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। आयोजन स्थल का विशाल प्रांगण भी प्रतिभागियों की संख्या के सामने छोटा पड़ता दिखाई दिया। खास बात यह रही कि कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क रखा गया था।
आयोजन में फिल्मी गीतों, डिस्को और डीजे संगीत के स्थान पर पारंपरिक एवं धार्मिक गीतों को प्राथमिकता दी गई। लोग पारंपरिक परिधानों में अपने परिवारों के साथ पहुंचे और डांडिया तथा गरबा की प्रस्तुतियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस व्यवस्था ने आयोजन को एक विशिष्ट सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया। बच्चों, युवाओं और परिवारों की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम में पीढ़ियों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का दृश्य देखने को मिला।
पारंपरिक संगीत की धुनों पर युवाओं ने डांडिया और गरबा की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने सराहा। आयोजकों के अनुसार, दोनों दिन पारंपरिक प्रस्तुतियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रतिदिन तीन-तीन पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान स्टेडल होटल की ओर से स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए फूड कोर्ट की व्यवस्था की गई थी। आयोजन में शामिल लोगों ने इस व्यवस्था की सराहना की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खानपान की सुविधा ने प्रतिभागियों को उत्सव का आनंद लेने का अतिरिक्त अवसर दिया।
धार्मिक आरती, पारंपरिक संगीत, डांडिया-गरबा प्रस्तुतियों और पारिवारिक सहभागिता के साथ फूड कोर्ट की व्यवस्था ने कार्यक्रम को संपूर्ण उत्सवी स्वरूप प्रदान किया।
दो दिवसीय महोत्सव को सफल बनाने में अंतर्राष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन, उसकी भारत शाखा तथा लायंस क्लब कलकत्ता काकुड़गाछी के अनेक पदाधिकारियों और सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
आयोजन की सफलता में भगवती प्रसाद सराफ, सिद्धार्थ पंसारी, प्रदीप ढेड़िया, पद्मश्री पोद्दार, सुशील तुलस्यान, राजित भूतोड़िया, मनीषा बजाज, इंदिरा सिंघानिया, अतुल बजाज, नरेश अग्रवाल, भारत शाखा के अध्यक्ष सज्जन सर्राफ, संयोजक राजकुमार शर्मा, लायन दीपक बंका, लायन कमल जैन, लायन इंदर चंद बजाज, रतन अग्रवाल, गौरव झुनझुनवाला, मनीष सिंघानिया,
प्रियंका झुनझुनवाला, ऋषि बजाज, आशीष सिंघानिया, दिनेश मस्कारा, पवन कनोई, विजय सेठ, हरि सोनी, किरण तुलस्यान, रेणु सराफ, राकेश पोद्दार, अभिषेक आसोपा, हेमंत शर्मा, झबरू दुजारी, चंद्रू दमानी, गणेश दास जोशी, प्रीति, आनंद, अमन, शैलजा ढेड़िया, विनीत शर्मा, सीमा अग्रवाल, लक्की शर्मा, वेदप्रकाश जोशी और उमंग बंका सहित अनेक सदस्यों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन लायन दीपक बंका ने किया।
अंतर्राष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन का शुभ नवरात्रि डांडिया महोत्सव धार्मिक आस्था, पारंपरिक संगीत और सामाजिक सहभागिता का संगम बनकर सामने आया। निःशुल्क प्रवेश, परिवारों की व्यापक भागीदारी और पारंपरिक गीतों पर आधारित प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशिष्ट पहचान दी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति, विभिन्न देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों की सहभागिता तथा युवाओं की उत्साहपूर्ण प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बनाया।
आयोजन के माध्यम से सम्मेलन ने भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने, युवा पीढ़ी को उनसे जोड़ने और समाज के विभिन्न वर्गों को एक साझा मंच प्रदान करने का प्रयास किया। दो दिनों तक चले इस महोत्सव ने कोलकाता में पारिवारिक एवं पारंपरिक डांडिया आयोजन की अपनी विशिष्ट पहचान को एक बार फिर रेखांकित किया।