अग्रसेन बालिका शिक्षा सदन की छात्राएं 
कोलकाता सिटी

अग्रसेन बालिका शिक्षा सदन में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस

छात्राओं ने निकाला शांति मार्च

Ravi

हावड़ा: अग्रसेन बालिका शिक्षा सदन के प्रांगण में 21 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस गंभीरता और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज में शांति, अहिंसा, आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया।

संयुक्त राष्ट्र की ओर से निर्धारित शांति दिवस के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण छात्राओं की ओर से निकाला गया शांति मार्च रहा।

छात्राओं ने शांति मार्च के जरिए दिया एकता और अहिंसा का संदेश

भारत स्काउट एंड गाइड्स के अंतर्गत अग्रसेन बालिका शिक्षा सदन गाइड ग्रुप की कक्षा आठवीं और नौवीं की छात्राओं ने शांति मार्च में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सुबह करीब 9 बजे विद्यालय परिसर से शुरू हुई यह रैली अग्रसेन स्ट्रीट होते हुए लिलुआ स्थित मतवाला चौरस्ता तक पहुंची।

रैली के दौरान छात्राओं ने पोस्टर, स्लोगन और विभिन्न संदेशों के माध्यम से लोगों को शांति, अहिंसा, एकता और आपसी भाईचारे के प्रति जागरूक किया। छात्राओं ने अपने संदेशों के जरिए यह बताने का प्रयास किया कि समाज में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।

शांति मार्च के दौरान युद्ध और हिंसा के स्थान पर संवाद, सहयोग और मानवता को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। विद्यालय की ओर से बताया गया कि वर्तमान समय में दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और संघर्ष की परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं। ऐसे में शांति को केवल एक आदर्श या विचार के रूप में नहीं, बल्कि मानव समाज की आवश्यक जरूरत के तौर पर समझना जरूरी है।

प्राथमिक विभाग में हुई विशेष प्रार्थना सभा

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर विद्यालय के प्राथमिक विभाग में बुलबुल की ओर से विशेष प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया। इसमें शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से हिस्सा लिया। सभा के दौरान समाज से द्वेष और वैमनस्य समाप्त करने तथा आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर विश्व शांति के इतिहास और मानवाधिकार के रूप में शांति के महत्व पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि शांति का अर्थ केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना भी है, जहां हर व्यक्ति सम्मान, सुरक्षा और समानता के साथ जीवन जी सके।

उप-प्राचार्य ने कहा—शांति की शुरुआत व्यक्ति के भीतर से होती है

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय की उप-प्राचार्या श्रीमती काकोली नाग ने कहा कि शांति की वास्तविक शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति के अपने मन और विचारों से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि जब तक मनुष्य अपने भीतर करुणा, सहनशीलता और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना विकसित नहीं करेगा, तब तक बाहरी दुनिया में स्थायी शांति की स्थापना संभव नहीं है।

विद्यालय की प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती नैना चक्रवर्ती ने भी विद्यार्थियों को शांति का संदेश देते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए छोटे-छोटे प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान हुआ। इसके साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षिकाओं ने भविष्य में शांति की स्थापना के लिए स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास शुरू करने का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं ने यह संदेश दिया कि शांति और सद्भाव की नींव समाज के प्रत्येक व्यक्ति के व्यवहार और सोच से मजबूत होती है।

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