इंडक्शन ओवन की खरीदारी करते हुए लोग  
कोलकाता सिटी

रसोई गैस की कमी से बढ़ी इंडक्शन ओवन की बिक्री

सतीश, सन्मार्ग संवाददाता

हुगली : इंडक्शन ओवन अब सभी वर्ग के लोगों के लिए सहारा बनता जा रहा है। यह गैस की समस्या को दूर करने का एक विकल्प बन रहा है। गैस नहीं मिलने के कारण कई फूड डिलीवरी प्वाइंट बंद हो गए हैं। ऐसे में लोगों को घर पर ही खाना पकाना पड़ रहा है। इसी कारण श्रीरामपुर, बैंडेल, रिसड़ा और चांपदानी सहित कई इलाकों में इंडक्शन ओवन और इलेक्ट्रिक ओवन की दुकानों पर ग्राहकों की लंबी लाइनें लग रही हैं। मध्य पूर्व में युद्ध जारी है। इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है और ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इस स्थिति के बीच रसोई गैस (एलपीजी) को लेकर संकट गहराता नजर आ रहा है। कॉमर्शियल गैस की कमी के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति भी अनियमित हो गई है। 25 दिन से पहले बुकिंग नहीं ली जा रही है और बुकिंग के बाद भी समय पर गैस नहीं मिल रही है। आरोप है कि गैस संकट के कारण कई जगहों पर अतिरिक्त कीमत वसूली जा रही है। उत्तरपाड़ा में गैस कार्यालय के सामने ग्राहकों का गुस्सा भी फूट पड़ा। एक इलेक्ट्रिक दुकान के व्यापारी पलाश दास ने बताया कि उनकी दुकान से पहले प्रतिदिन औसतन तीन से चार ओवन की बिक्री होती थी, लेकिन पिछले दो दिनों में ही लगभग 70 से 80 ओवन बिक चुके हैं। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक ओवन के उपयोग से पैसे की भी बचत होती है। इसके साथ ही इंडक्शन केतली की बिक्री भी तेजी से बढ़ रही है।


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