कोलकाता : बंगाल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लेकर बढ़ती राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का असर अब पुस्तक बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार द्वारा उनकी जयंती को वर्षव्यापी कार्यक्रम के रूप में मनाने की घोषणा के बाद कोलकाता के ऐतिहासिक कॉलेज स्ट्रीट में उनसे संबंधित पुस्तकों की मांग अचानक बढ़ गई है।
पुस्तक विक्रेताओं का कहना है कि विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और युवा पाठकों के बीच श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, विचारधारा और बंगाल की राजनीति में उनकी भूमिका को जानने की उत्सुकता बढ़ी है। उनकी जीवनी, भाषण संग्रह, संसदीय योगदान और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका पर आधारित पुस्तकों की बिक्री पिछले कुछ सप्ताह में उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
कॉलेज स्ट्रीट के कई दुकानदारों के अनुसार, पहले जहां इन पुस्तकों की सीमित मांग थी, वहीं अब प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इनकी तलाश में पहुंच रहे हैं। विक्रेताओं का मानना है कि इंटरनेट पर उपलब्ध सीमित और बिखरी हुई जानकारी के कारण पाठक प्रामाणिक स्रोत के रूप में पुस्तकों को प्राथमिकता दे रहे हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ प्रकाशक श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर नई पुस्तकों के प्रकाशन की तैयारी भी कर रहे हैं।