कोलकाता : पश्चिम बंगाल में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए कांग्रेस अब जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्णायक भूमिका देने जा रही है।
पार्टी 16 अगस्त से राज्य में ‘संगठन सृजन अभियान’ शुरू करेगी। इसके तहत जिला अध्यक्ष के चयन में प्रदेश या केंद्रीय नेतृत्व की पसंद के बजाय संबंधित जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय को प्राथमिकता दी जाएगी।
सोमवार को दिल्ली के ‘इंदिरा भवन’ में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी प्रकाश जोशी, प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार और कांग्रेस विधायक दल के नेता जुल्फिकार अली समेत अन्य नेता मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक जिले में चयन प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय नेतृत्व का एक प्रतिनिधि मौजूद रहेगा। साथ ही वर्तमान व पूर्व सांसद-विधायक, पंचायत एवं नगरपालिका के वर्तमान या पूर्व प्रमुख तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी शामिल होंगे।
जिला अध्यक्ष पद के छह संभावित नामों में से प्राथमिकता के आधार पर तीन नाम चुने जाएंगे। प्रत्येक नाम को प्राथमिकता देने का कारण भी दर्ज करना होगा। इसके बाद सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी और अंतिम फैसला वहीं होगा।