सन्मार्ग संवाददाता
खड़गपुर : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर ने हाल ही में भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियांत्रिकी संस्थान (IRIMEE), जमालपुर के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पांच वर्षीय शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण सहयोग का उद्देश्य उन्नत रोलिंग स्टॉक प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारतीय रेल के अधिकारियों की तकनीकी क्षमताओं को और सुदृढ़ करना है। इस सहयोग के अंतर्गत भारतीय रेल के अधिकारियों के लिए विशेष आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका प्रमुख केंद्र वंदे भारत ट्रेनों तथा थ्री-फेज मेनलाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट्स (MEMU/EMU) सहित उन्नत रोलिंग स्टॉक में विद्युत सुरक्षा और ट्रैक्शन प्रणालियां होंगी। समझौता ज्ञापन पर श्री प्रेम प्रकाश, डीन, इरिमी तथा प्रो. स्वागता दासगुप्ता, डीन (आउटरीच), आईआईटी खड़गपुर ने हस्ताक्षर किए। इस सहयोग के लिए श्री सिद्धार्थ शंकर, प्रोफेसर (C&IT), इरिमी तथा प्रो. विक्रांत राचेरला, प्रोफेसर, यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग, आईआईटी खड़गपुर नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। आईआईटी खड़गपुर के रेलवे अनुसंधान केंद्र (Centre for Railway Research–CRR) द्वारा समन्वित यह पहल संस्थान की उन्नत शैक्षणिक एवं तकनीकी विशेषज्ञता को भारतीय रेल की परिचालन और प्रौद्योगिकी संबंधी आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य आधुनिक ट्रेन प्रणालियों की समझ को मजबूत करना, सुरक्षा एवं विश्वसनीयता बढ़ाना, प्रभावी रखरखाव और तकनीकी समस्याओं के समाधान में सहायता करना तथा उन्नत रोलिंग स्टॉक प्रौद्योगिकियों के स्वदेशीकरण को गति देना है। विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में विद्युत सुरक्षा एवं संरक्षण प्रणालियां; वंदे भारत ट्रेनों की ट्रैक्शन इलेक्ट्रिक्स; प्रोपल्शन सिस्टम, कन्वर्टर्स, ट्रैक्शन मोटर्स और ट्रेन कंट्रोल एंड मैनेजमेंट सिस्टम (TCMS); थ्री-फेज MEMU ट्रैक्शन उपकरण; हाई-वोल्टेज उपकरण और आधुनिक रोलिंग स्टॉक डायग्नोस्टिक्स; इलेक्ट्रिकल कंडीशन मॉनिटरिंग एवं रिलायबिलिटी इंजीनियरिंग; तथा रीजेनेरेटिव और मैकेनिकल ब्रेकिंग सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। पारंपरिक कक्षा-आधारित प्रशिक्षण से आगे बढ़ते हुए, इन कार्यक्रमों में विशेषज्ञ व्याख्यान, प्रयोगशाला प्रयोग, विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा निर्देशित क्षेत्रीय भ्रमण शामिल होंगे। इससे प्रतिभागी अधिकारी सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक रेलवे परिचालन और तकनीकी परिस्थितियों से प्रभावी रूप से जोड़ सकेंगे।
इस सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रो. विक्रांत राचेरला, प्रोफेसर, यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग एवं अध्यक्ष, CoEAT, आईआईटी खड़गपुर, ने कहा: “यह एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन है, जिसके माध्यम से आईआईटी खड़गपुर के संकाय सदस्य भारतीय रेल के अधिकारियों को वंदे भारत ट्रेनों की विद्युत सुरक्षा, उन्नत प्रोपल्शन तथा ब्रेकिंग प्रणालियों का प्रशिक्षण देंगे। यह प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकारी इन ट्रेनों में उत्पन्न होने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर रूप से सक्षम होंगे और भविष्य के ट्रेन सेटों के लिए मानकों एवं विनिर्देशों को बेहतर बनाने में योगदान दे सकेंगे। इन ट्रेनों की आंतरिक प्रणालियों की बेहतर समझ के माध्यम से आईआईटी खड़गपुर उन्नत रोलिंग स्टॉक की विश्वसनीयता, सुरक्षा और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ करने में भारतीय रेल की सहायता कर सकता है।” यह साझेदारी आईआईटी खड़गपुर की बहुविषयक अनुसंधान एवं तकनीकी विशेषज्ञता और भारतीय रेल के लिए तकनीकी नेतृत्व विकसित करने में इरिमी की दीर्घकालिक भूमिका को एक साझा मंच पर लाती है। अगले पांच वर्षों में यह सहयोग तेजी से विकसित हो रहे रेलवे पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ज्ञान के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के लिए एक सुदृढ़ एवं सतत मंच तैयार करेगा। इस पहल के माध्यम से आईआईटी खड़गपुर भारतीय रेल के साथ अपने सहयोग को और मजबूत करते हुए देश के लिए अधिक सुरक्षित, स्मार्ट, विश्वसनीय और स्वदेशी रेलवे प्रौद्योगिकियों के विकास में अपनी शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षमताओं का योगदान जारी रखेगा।