कोलकाता : तारातला गोदाम हादसे को लेकर बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। एक ओर कालीघाट खेमे के तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने पूर्व मेयर फिरहाद हकीम की गिरफ्तारी की मांग करते हुए 'दवात-कलम' का उदाहरण दिया था, वहीं सोमवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उसी टिप्पणी को आगे बढ़ाते हुए टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा।
सीएम ने कहा कि यदि इस कथित भ्रष्टाचार में फिरहाद हकीम 'कलम' हैं, तो उस स्याही की 'दवात' स्वयं ममता बनर्जी हैं। उनके इस बयान से सदन में राजनीतिक माहौल गरमा गया। यह विवाद फिरहाद हकीम के करीबी और पूर्व ओएसडी कालीचरण बनर्जी की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ। कालीचरण पर कथित वसूली, भ्रष्टाचार और तारातला गोदाम हादसे से जुड़े अवैध अनुमोदनों में भूमिका के आरोप हैं।
उनकी गिरफ्तारी के बाद कल्याण बनर्जी ने बिना नाम लिए कहा था, "सिर्फ 'काली' को पकड़ने से क्या होगा? असली दवात और जिस कलम से हस्ताक्षर हुए, उसे भी सामने लाया जाए।" राजनीतिक हलकों में इसे फिरहाद हकीम पर सीधा निशाना माना गया था। सोमवार को विधानसभा में शुभेंदु अधिकारी ने इसी टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि अगर 'कलम' फिरहाद हकीम हैं, तो 'दवात' ममता बनर्जी हैं।