ICC डायमंड कॉन्क्लेव  
कोलकाता सिटी

कोलकाता में ICC डायमंड कॉन्क्लेव का आयोजन, ज्वेलरी उद्योग के भविष्य पर मंथन

प्राकृतिक हीरों की वैल्यू चेन में भारत की अहम भूमिका

Ravi

कोलकाता : इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) की ओर से कोलकाता में ICC डायमंड कॉन्क्लेव के तीसरे संस्करण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ज्वेलरी और डायमंड उद्योग से जुड़े प्रमुख कारोबारी, विशेषज्ञ, प्रतिष्ठित जेमोलॉजिकल संस्थानों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत की हस्तियां शामिल हुईं।

कॉन्क्लेव में बदलती उपभोक्ता पसंद, पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार, कारीगरी, जिम्मेदार ज्वेलरी और प्राकृतिक हीरों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

बंगाल में ज्वेलरी पार्क और प्रशिक्षण केंद्र की पहल

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार ज्वेलरी क्षेत्र को महत्व दे रही है। उन्होंने भविष्य में कोलकाता या बंगाल में जेम एंड ज्वेलरी पार्क के विकास के साथ विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने उद्योग जगत की कंपनियों को बंगाल में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए सुविधाएं, सुरक्षा और कस्टम संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की बात कही। दासगुप्ता ने कहा कि राज्य की कुशल कारीगरी और डिजाइन क्षमता इस उद्योग के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

ICC नेशनल एक्सपर्ट कमेटी ऑन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल के चेयरमैन और Nemichand Bamalwa & Sons के निदेशक विनोद बामलवा ने कहा कि भारत दुनिया के कच्चे हीरों की प्रोसेसिंग में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

उन्होंने बताया कि भारत प्राकृतिक हीरों की वैश्विक वैल्यू चेन में प्रमुख भूमिका निभा रहा है और देश को अब मैन्युफैक्चरिंग के साथ डिजाइन, तकनीक, नवाचार और उपभोक्ता विश्वास के क्षेत्र में भी अपनी क्षमता बढ़ानी होगी।

युवा उपभोक्ताओं को जोड़ने पर जोर

Senco Gold & Diamond के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं CEO और ICC नेशनल एक्सपर्ट कमेटी के को-चेयरमैन सुवंकर सेन ने युवा पीढ़ी की बदलती आकांक्षाओं को उद्योग के लिए अहम बताया।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की पसंद, आधुनिक डिजाइन और बदलते लाइफस्टाइल के अनुरूप डायमंड ज्वेलरी उद्योग को खुद को विकसित करना होगा। साथ ही पारंपरिक कौशल को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।

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