राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक होटल में कुछ दिन पहले आधी रात लगी भीषण आग में करीब नौ लोगों की मौत के बाद कोलकाता नगर निगम ने शहर के होटल, बैंक्वेट और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत शनिवार को मार्क्विस स्ट्रीट स्थित 13 और 14 नंबर के गेस्ट हाउसों में सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने के बाद प्रशासन ने उन्हें बंद करने का नोटिस चिपका दिया। कार्रवाई के बाद वहां ठहरे बांग्लादेशी नागरिकों को तत्काल कमरे खाली कर दूसरी जगह जाने को कहा गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाज और पर्यटन के लिए कोलकाता आए लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
इलाज के लिए आए मरीज के परिजन भी परेशान
बांग्लादेश की राजधानी ढाका से परिवार के एक सदस्य के इलाज के लिए कोलकाता आए मोहम्मद सोहेल ने बताया कि वह 14 नंबर मार्क्विस स्ट्रीट स्थित क्रिस्टल बैंक्वेट में ठहरे थे। शनिवार दोपहर गेस्ट हाउस के मैनेजर ने उन्हें तत्काल कमरा खाली करने को कहा।
सोहेल के मुताबिक, उनके भाई का इलाज अभी पूरा नहीं हुआ है और उन्हें कई दिनों तक कोलकाता में रहना है। ऐसे में अचानक होटल खाली करने का निर्देश मिलने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब उन्हें जल्दबाजी में नया होटल तलाशना होगा। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों की जांच और निगरानी पहले से ठीक तरीके से की जाती, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
पर्यटकों ने यात्रा कार्यक्रम में की कटौती
वहीं, बांग्लादेश से आए कई युवा पर्यटकों ने बताया कि होटल बंद होने और सुरक्षा को लेकर पैदा हुई चिंता के बाद उन्होंने अपने घूमने-फिरने के कार्यक्रम में कटौती करने का फैसला किया है। कुछ पर्यटक समय से पहले ही वापस लौटने की तैयारी कर रहे हैं। अचानक होटल बदलने की मजबूरी और बढ़ती असुरक्षा की भावना से पर्यटकों में परेशानी है। होटल और गेस्ट हाउसों पर कार्रवाई के बीच सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों के लिए पैदा हुई है, जो इलाज या अन्य जरूरी काम से कई दिनों के लिए कोलकाता आए हैं। प्रशासन की कार्रवाई सुरक्षा के लिहाज से जरूरी मानी जा रही है, लेकिन अचानक कमरा खाली कराने से प्रभावित लोगों के सामने तत्काल ठहरने की नई व्यवस्था करने की समस्या खड़ी हो गई है।