सतीश, सन्मार्ग संवाददाता
हुगली : हुगली के पूर्व विधायक असित मजुमदार को गिरफ्तार किए जाने के बाद चुंचुड़ा कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 5,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। कोर्ट से बाहर आने के बाद असित ने कहा, “मेरा जीवन कानून और किस्मत के बीच लटक रहा है, लेकिन मैं आज भी ममता बनर्जी के साथ हूं।” मामला चुंचुड़ा के हरगौरीतला की निवासी ज्योत्सना हाजरा की शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2013 में तत्कालीन चुंचुड़ा नगर पालिका के चेयरमैन गौरीकांत मुखर्जी और तत्कालीन विधायक असित मजुमदार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चंदू दास नामक व्यक्ति के आवास योजना प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए उन पर मुफ्त में गैरेज दान करने का दबाव बनाया। शिकायत के अनुसार, दानपत्र देने के बाद योजना को मंजूरी मिल गई, लेकिन जब ज्योत्सना ने बाद में दानपत्र रद्द करने का प्रयास किया तो उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले को लेकर पहले चुंचुड़ा कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया था, जो अभी विचाराधीन है। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने चुंचुड़ा थाने में भी अलग से शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5), 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर असित को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। उनके वकील शुभाशीष चंद ने कहा कि अदालत को यह समझाया गया कि इस मामले में असित को शामिल करना उचित नहीं है, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।