सन्मार्ग संवादादाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल को फिर से देश के प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ हिंदू इकोनॉमिक फोरम (HEF), कोलकाता चैप्टर की ओर से शनिवार को ITC रॉयल बंगाल में ‘द राइज ऑफ सोनार बांग्ला: पावरिंग द इकोनॉमी ऑफ वेस्ट बंगाल’ विषय पर सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में करीब 250 उद्योगपतियों, उद्यमियों और पेशेवरों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तपस रॉय, वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता, सांसद समिक भट्टाचार्य तथा शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल की उपस्थिति रही।
वक्ताओं ने राज्य में उद्योग, निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक कारोबारी माहौल तैयार करने पर जोर दिया। सांसद समिक भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल कभी भारत का आर्थिक इंजन हुआ करता था और अब राज्य को फिर से वही स्थान हासिल करना होगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से राजनीतिक तुष्टिकरण और ठहराव के कारण बंगाल की उद्यमशीलता की भावना प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, समृद्ध बंगाल ही समृद्ध और पुनरुत्थानशील भारत की आधारशिला बन सकता है। उन्होंने हिंदू व्यवसायियों और युवा उद्यमियों से राज्य के आर्थिक पुनरुत्थान का नेतृत्व करने का आह्वान किया।
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बंगाल के कारोबार और उद्योग को अगले स्तर तक ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तपस रॉय ने राज्य में व्यापार और उद्योग के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने पर अपने विचार रखे। शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने उद्योग जगत से एकजुट होकर बंगाल के कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने का आह्वान किया। विश्व हिंदू इकोनॉमिक फोरम के प्रमुख प्रेरक स्वामी विज्ञानानंद जी ने कहा कि मजबूत सभ्यता के लिए मजबूत आर्थिक आधार जरूरी है। आचार्य चाणक्य के सूत्र ‘धर्मस्य मूलम् अर्थः’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि HEF का उद्देश्य हिंदुओं को संपदा सृजन और उसके सामाजिक पुनर्वितरण के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि ‘सोनार बांग्ला’ और भारत का पुनरुत्थान उद्यमशीलता की भावना को फिर से जागृत करने, नैतिक रूप से संपदा सृजित करने वालों को सम्मान देने तथा व्यवसायियों, व्यापारियों, तकनीक विशेषज्ञों, पेशेवरों और उद्यमियों के बीच सहयोग बढ़ाने से संभव होगा।
HEF कोलकाता चैप्टर के अध्यक्ष सौरव दुगड़ ने कहा कि बंगाल कभी देश का सबसे समृद्ध प्रांत था, लेकिन वर्षों से राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं का शिक्षा और रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाना बंगाल के लिए ‘अपने भविष्य के निर्यात’ जैसा रहा है। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद उद्योगपतियों से राज्य में सकारात्मक कारोबारी माहौल बनाने की अपील करते हुए कहा, “एक युवा उद्यमी का सही तरीके से मार्गदर्शन करें, उसे सफलता का रास्ता दिखाएं और उसके लिए अवसरों के द्वार खोलें।” फोरम ने इस अवसर पर अपने तीन प्रमुख उद्देश्यों—धन का सृजन, सृजित धन से और अधिक संपदा का निर्माण तथा समाज को उसका हिस्सा वापस देना—को रेखांकित किया। साथ ही अतीत और वर्तमान के उद्योगपतियों के योगदान को भी सम्मानपूर्वक याद किया गया।
सम्मेलन में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्य संजीव सान्याल, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के सलाहकार सुब्रत गुप्ता सहित हिंदू इकोनॉमिक फोरम के पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद रहे।
हिंदू इकोनॉमिक फोरम
हिंदू इकोनॉमिक फोरम उद्यमियों, पेशेवरों और विचारकों का एक मंच है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और मूल्य-आधारित समाज के निर्माण की दिशा में काम करना है। HEF का कोलकाता चैप्टर पश्चिम बंगाल के उद्यमशीलता और कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए कार्य करता है।