रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
दक्षिण 24 परगना : रायदीघी में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने “मछली राजनीति” का सहारा लिया। रायदीघी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार पलाश राणा के समर्थन में उन्होंने कहा, “4 मई के बाद जीत की पार्टी दीजिए। उस पार्टी में मांस और मछली का भोजन होगा, मछली मैं असम से भेजूंगा, लेकिन मुझे बुलाना होगा।” भोजन की आदतों को लेकर भाजपा पर पहले भी विवाद हुआ है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा लोगों की खानपान संस्कृति बदलना चाहती है और मछली-मांस खाने का विरोध करती है। हालांकि चुनावी माहौल में भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए मछली के साथ प्रचार करती नजर आई है। सभा में सरमा ने ममता बनर्जी पर धार्मिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “पिछले 15 वर्षों से सरकार बांग्लादेशी मुसलमानों के सहारे चल रही है” और भाजपा के सत्ता में आने पर अवैध घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा तथा “गुंडाराज खत्म” होगा। उन्होंने दावा किया कि 4 मई के बाद पुलिस और गुंडों का “डिवोर्स” हो जाएगा। हुमायूं कबीर पर निशाना साधते हुए सरमा ने बाबरी मस्जिद को लेकर दिए गए कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और मंदिर निर्माण की बात कही। सरमा ने दावा किया कि पहले चरण में भाजपा 110 सीटें जीत चुकी है और भविष्यवाणी की कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा “डबल सेंचुरी” लगाएगी, जिसके लिए 90 और सीटों की जरूरत है।