कोलकाता सिटी

फिलहाल नहीं होगा कोलकाता नगर निगम का चुनाव 

परिसीमन पर आने वाले फैसले का इंतजार  हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच का आदेश 

Jitendra Kumar Singh

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता  कोलकाता : कोलकाता नगरनिगम का चुनाव फिलहाल नहीं होगा। परिसीमन को लेकर दायर मामले में सिंगल बेंच का फैसला आने तक इंतजार करना पड़ेगा। जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस अर्जुन राय मुखर्जी के डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को यह आदेश दिया। बुधवार को सुनवाई समाप्त होने के बाद डिवीजन बेंच ने फैसले को रिजर्व कर लिया था। डिवीजन बेंच ने मामले को वापस सिंगल बेंच के पास भेज दिया है।  दीपू दास ने परिसीमन और वार्डों की संख्या बढ़ाए जाने की वैधानिकता को चुनौती देते हुए यह पिटीशन दायर किया है। जस्टिस कृष्णा राव ने इस बाबत जारी विज्ञप्ति पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील की गई थी। डिवीजन बेंच में दायर अपील की सुनवाई के दौरान एडवोकेट विकास रंजन भट्टाचार्य ने संस्तुति की जाने को लेकर सवाल उठाया था। कोलकाता नगर निगम की आयुक्त ने परिसीमन और वार्डों की संख्या बढ़ाए जाने को लेकर संस्तुति की थी। एडवोकेट भट्टाचार्य का सवाल था कि यह अधिकार सिर्फ कोलकाता नगरनिगम के बोर्ड के पास है। फिलहाल बोर्ड नहीं है इसलिए इसका मतलब यह नहीं कि आयुक्त बोर्ड का विकल्प बन सकती है। आयुक्त के पास वैधानिक नहीं बल्कि प्रशासनिक अधिकार है। आयुक्त की संस्तुति के बाद राज्य सरकार ने परिसीमन और मतदाता सूची के प्रकाशन के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। यह अवैधानिक है। इसके अलावा परिसीमन का हवाला देते हुए कहा गया था की सभी वार्डों की आबादी कमोबेश एक समान हो इस लिहाज से यह क्या किया जाएगा। हकीकत में इसका उल्टा किया गया है। कुछ वार्डो की आबादी पांच हजार है तो कहीं आबादी 20 से 30 हजार है। इस पिटीशन में आरोप लगाया गया है कि पिछले विधानसभा चुनाव के आईने पर नजर रखते हुए सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचाने के लिए यह किया गया है। कोलकाता नगरनिगम के साथ ही हावड़ा नगरनिगम और पांच पालिकाओं का चुनाव कराया जाना था। हाई कोर्ट के इस मामले को देखते हुए लगता है कि उनका भविष्य भी अधर में लटक जाएगा।

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