जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : कोलकाता नगर निगम चुनाव के मामले में हाई कोर्ट के जस्टिस हिरणमय भट्टाचार्य ने कोई भी अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। इस बाबत दायर पिटीशन पर बुधवार को सुनवाई समाप्त हो गई थी। जस्टिस भट्टाचार्य ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाए जाने का आदेश दिया था। कोलकाता नगर निगम के प्रस्तावित चुनाव के मद्देनजर परिसीमन कराया गया है। अब वार्डों की संख्या 144 से बढ़कर 209 हो गई है। इस परिसीमन के लिए जारी अधिसूचना को चुनौती देते हुए यह पिटीशन दायर किया गया है। इस अधिसूचना को खारिज की जाने की अपील की गई है। जस्टिस भट्टाचार्य ने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले में एफिडेविट पर विचार किए बगैर कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता है। जस्टिस भट्टाचार्य ने कोलकाता नगर निगम, राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग आदि को तीन सप्ताह के अंदर पेटीशनरों की तरफ से उठाए गए सवाल पर एफिडेविट के साथ जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। पेटीशनर को इसका जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस बाबत दायर पिटीशन में आरोप लगाया गया है परिसीमन का कार्य बेहद अपारदर्शिता और अवैज्ञानिक तरीके से किया गया है। सत्तारूढ दल के हित का ख्याल रखते हुए वॉर्डों का गठन किया गया है। परिसीमन को लेकर बुलाई गई बैठक में इसका विरोध किया गया था पर आपत्ति को नजर अंदाज कर दिया गया। कोलकाता नगर निगम की तरफ से बहस कर रहे एडवोकेट जनरल एस एन मित्रा ने इस पिटीशन की ग्रहणयोग्यता पर सवाल उठाया था। उनकी दलील थी कि वेकेशन बेंच में इस मामले की सुनवाई नहीं होनी चाहिए। पर जस्टिस भट्टाचार्य ने सुनवाई की जाने का फैसला लिया था। एडवोकेट जनरल ने कहा कि इस बारे में बुलाई गई बैठक में आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई थी। एडवोकेट विकास रंजन भट्टाचार्य का दावा था कि आपत्ति जताई गई थी पर उसे तवज्जो नहीं दिया गया था। ममता तृणमूल कांग्रेस के नेता वैश्वानर चट्टोपाध्याय ने कहा कि वे पेटीशनर का सहयोग कर रहे हैं और इस बारे में मामला दायर कर सकते हैं।