जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : एक सड़क दुर्घटना में माता-पिता की इकलौती बच्ची का निधन हो गया। सिटी सिविल कोर्ट के मोटर ट्रिब्यूनल ने मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया था। इसे नाकाफी बताते हुए हाई कोर्ट में अपील की गई थी। जस्टिस शब्बार रशीदी ने मामले की सुनवाई के बाद मुआवजे को बढ़ाकर पांच लाख रुपए किए जाने का आदेश दिया है। एडवोकेट घनश्याम पांडे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ट्रिब्यूनल ने करीब साढ़े तीन लाख रुपया मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही दस फीसदी की दर से ब्याज दिए जाने का भी आदेश दिया था। सोमा दास और गौर गोपाल दास ने यह मामला दायर किया था। गौर गोपाल दास बच्ची को मोटरसाइकिल से स्कूल छोड़ने जा रहा था। इस दौरान पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दिया और घटनास्थल पर ही बच्ची की मौत हो गई। उनके एडवोकेट की अपील थी कि नए कानून के तहत कम से कम पांच लाख मुआवजा दिया जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर बच्ची की इस तरह मौत नहीं होती तो हो सकता है भविष्य में उसका एक शानदार करियर होता। फिर भी मुआवजा देकर माता-पिता के इस गम की भरपाई नहीं की जा सकती है। जस्टिस शब्बार रशीदी ने इसी तरह के एक मामले में हाई कोर्ट के फैसले का हवाले देते हुए पांच लाख रुपए बतौर मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया। इसके साथ ही ब्याज का भुगतान भी करना पड़ेगा। ट्रिब्यूनल में जिस तारीख को मामला दायर हुआ था उसी तारीख से ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा।