जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया के सवाल पर ममता तृणमूल कांग्रेस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में एक पिटीशन दायर किया गया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बेंच में अगले सप्ताह सुनवाई होने के उम्मीद है। ममता तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य दोला सेन की तरफ से यह पिटीशन दायर किया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव लाने के लिए 2023 में कानून में संशोधन किया गया था। दोला सेन की तरफ से दायर पिटीशन में इस संशोधन की संवैधानिकता को लेकर सवाल उठाया गया है। संशोधन के बाद नियुक्ति के पैनल में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और एक कैबिनेट मंत्री को शामिल कर दिया गया। इससे पहले इस पैनल के सदस्य प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस हुआ करते थे। पिटीशन में कहा गया है कि इस तरह संशोधन करके संविधान की भावना के साथ खिलवाड़ किया गया है। इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखवीर सिंह संधू और चुनाव आयुक्त विवेक जोशी को भी पार्टी बनाया गया है। यहां उल्लेखनीय है कि इसी सवाल पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपंकर दत्त के बेंच में एक मामला दायर किया गया था। पर दोनों जजों के एकमत नहीं हो पाने के कारण इसे लार्जर बेंच में भेज दिया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में किए गए इस संशोधन को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के बेंच में और कई मामले दायर किए गए हैं।