जितेंद्र , सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : हावड़ा नगर निगम का चुनाव कराए जाने को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है। मंगलवार को चीफ जस्टिस रविंद्र वी घुगे और जस्टिस ओम प्रकाश राई के डिवीजन बेंच में इसकी सुनवाई के दौरान राज्य चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया की वोटिंग मशीन के बगैर चुनाव कैसे कराया जा सकता है। डिवीजन बेंच ने कुछ सवालों को उठाते हुए सोमवार को इसकी सुनवाई की जाने का आदेश दिया। चुनाव आयोग की तरफ से बहस करते हुए एडवोकेट सोनल सिन्हा ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद बहुत सारी वोटिंग मशीनों को संरक्षित कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि 2021 के निकाय चुनाव के बाद हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर वोटिंग मशीनों को संरक्षित कर लिया गया था। यह स्थिति आज भी बरकरार है और जनहित याचिका की सुनवाई भी लंबित है। एडवोकेट सिन्हा ने कहा कि अगर नई वोटिंग मशीन मांगाते हैं तो इसमें दस से बारह माह का समय लग जाएगा। दूसरी तरफ नवंबर दिसंबर में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम का चुनाव कराए जाने की संभावना है। इस पर चीफ जस्टिस ने सवाल किया कि जो वोटिंग मशीन संरक्षित पड़ी है क्या उनमें से डाटा को अपलोड किया जा सकता है। उन्हें अपलोड करके एक जगह रख दिया जाए और इन मशीनों से डाटा को डिलीट कर दिया जाए। इस तकनीकी सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था। चीफ जस्टिस ने सवाल किया कि क्या इन मामलों में इलेक्शन पिटिशन दायर किया गया है। एडवोकेट सिन्हा ने बताया कि कोई इलेक्शन पिटिशन नहीं है। चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर इस जनहित याचिकाओं को वापस ले लिया जाता है तो मशीनों को रिलीज करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके जवाब में कहा गया कि इस मामले में कई पेटीशनर है, मतलब आज के एडिशनल एडवोकेट जनरल उन दिनों इस मामले में पेटीशनर के एडवोकेट थे। एडवोकेट सब्यसाची चटर्जी ने बताया कि मौसमी राय ने यह मामला दायर किया है और हमें इसके लिए उनसे इंस्ट्रक्शन लेना पड़ेगा। इस पर टिप्पणी करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि आप सभी लोग इस मामले के आर्किटेक्ट है और आप लोगों को ही निर्णय लेना है। इस मामले का जल्द निपटारा किया जाने के लिए एडवोकेट सिन्हा की अपील पर चीफ जस्टिस ने सोमवार को सुनवाई की जाने का आदेश दिया।