जितेंद्र,सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रविंद्र वी घुगे और जस्टिस ओमप्रकाश राई के डिवीजन बेंच ने उन विश्वविद्यालयो को नोटिस दी जाने का आदेश दिया है जिन्होंने रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। यह नोटिस हाई कोर्ट की तरफ से दी जाएगी। एडवोकेट सौम्य दास गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस सिलसिले में दायर पीआईएल में कई सवालों को उठाया गया है। चीफ जस्टिस के बेंच ने सोमवार को सुनवाई के बाद कहा कि विश्वविद्यालयो में सिर्फ सुरक्षा ही नहीं कानून व्यवस्था भी बना कर रखनी पड़ेगी। पिछली सुनवाई में डिवीजन बेंच ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयो को इस सिलसिले में की गई कार्रवाई के बाबत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान दक्षिण बंगाल के अधिकांश विश्वविद्यालयों ने रिपोर्ट दाखिल की है पर उत्तर बंगाल के अधिकांश विश्वविद्यालयों ने कोई रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। इसके बाद ही डिवीजन बेंच ने उन्हें नोटिस दी जाने का आदेश दिया। इस मामले में दायर पीआईएल में कहा गया है कि छात्र संसद के चुनाव कई साल से नहीं कराए गए हैं। इस वजह से छात्र संसद भवन पर अवैध कब्जा किया गया है और कब्जा करने वालों में बाहरी तत्व भी शामिल है। इस पीआईएल में कहा गया है कि विश्वविद्यालयो और कॉलेजो में बाहरी तत्वों के प्रवेश पर कोई रोक नहीं है। इस वजह से काफी गंभीर घटनाएं भी घटती है। इस सिलसिले में लॉ कॉलेज में किए गए रेप का हवाला दिया गया है। जादवपुर विश्वविद्यालय में बाहरी तत्वों और छात्रों के बीच हुए संघर्ष का हवाला भी दिया गया है। डिवीजन बेंच ने कहा है कि विश्वविद्यालयो और कॉलेजो में पठन-पाठन का स्वस्थ माहौल तैयार करना पड़ेगा। अराजकता की स्थिति नहीं चल पाएगी। विश्वविद्यालय की तरफ से दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है कि बाहरी तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। अब यह पर्याप्त है या नहीं इस बाबत डिवीजन बेंच की अगली सुनवाई में खुलासा होगा। चीफ जस्टिस के बेंच ने कहा है कि डायमंड हार्बर महिला विश्वविद्यालय में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाए।