हाई कोर्ट की फाइल फोटो 
कोलकाता सिटी

हाई कोर्ट की छत पर नमाज की शुरुआत कब हुई 

रजिस्ट्रार जनरल रिपोर्ट दाखिल करें : चीफ जस्टिस 

Jitendra Kumar Singh

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता  कोलकाता : हाई कोर्ट के छत पर नमाज अता करने की शुरुआत कब और कैसे हुई। इसके लिए एक ढाँचे का निर्माण कब कराया गया। इस बाबत दायर एक पीआईएल पर सुनवाई करने के बाद चीफ जस्टिस रविंद्र वी घूगे और जस्टिस ओमप्रकाश राय के डिवीजन बेंच ने रजिस्ट्रार जनरल प्रशासन को रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इस मामले में राज्य सरकार की तरफ से बहस कर रहे जीपी अजीत कुमार मिश्रा ने यह जानकारी दी। डिवीजन बेंच ने हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल प्रशासन को इन बिंदुओं पर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। नमाज अता करने की शुरुआत किस साल से हुई थी। इसके लिए हाई कोर्ट के छत पर एक ढांचे का निर्माण कब कराया गया था। इस नमाज में आमतौर पर कितने लोग हिस्सा लेते हैं। इसका आयोजन प्रत्येक शुक्रवार को किया जाता है।  रजिस्ट्रार जनरल को वेकेशन बाद यह रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ेगी। यहां उल्लेखनीय है कि इस बाबत एक पीआईएल पहले दायर की गई थी। एडवोकेट संजय घोष ने यह पीआईएल दायर की थी। इसमें अपील की गई थी कि कोलकाता हाई कोर्ट के छत पर भारत माता का एक मंदिर बनाने और दुर्गा पूजा का आयोजन करने की अनुमति दी जाए। इसे दोबारा मेंशन करते हुए बुधवार को सुनवाई की अपील की गई। इस बाबत दायर पिटीशन में कहा गया था कि एक संप्रदाय को धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन करने की अनुमति दी जा रही है दूसरी तरफ एक संप्रदाय को इससे वंचित किया जा रहा है। यह संविधान के खिलाफ है। इसके बावजूद चीफ जस्टिस के बेंच ने इसे डिसमिस कर दिया था। कहा था कि यह पीआईएल प्रचार के लिए दायर की गई है।

SCROLL FOR NEXT