कोलकाता सिटी

एआईएसएफ की तरफ से दायर पिटीशन खारिज 

हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला

Jitendra Kumar Singh

  जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता  कोलकाता : हाई कोर्ट ने ऑल इंडिया सेकुलर फ्रंट की तरफ से दायर पिटीशन को खारिज कर दिया। मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस कृष्णा राव ने फैसले को रिजर्व कर लिया था। जस्टिस राव के आदेश के अनुसार रेजीनगर विधानसभा चुनाव में लिफाफा सिंबल ऋतव्रत गुट के उम्मीदवार के पास ही रहेगा। सेकुलर फ्रंट की तरफ से इसे चुनौती देते हुए पिटीशन दायर किया गया था। फ्रंट की तरफ से बहस करते हुए एडवोकेट विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा था कि लिफाफा सिंबल फ्रंट के पास रहा है और लोकसभा और विधानसभा चुनाव में इसके उम्मीदवारों ने इसी सिंबल पर चुनाव लड़ा था। तृणमूल कांग्रेस में विभाजन के बाद निर्वाचन आयोग ने पार्टी के नाम और सिंबल को फ्रिज कर दिया है। उसके बाद विधानसभा उपचुनाव में यह सिंबल डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस को दे दिया गया। इस मामले में चुनाव आयोग की तरफ से बहस करते हुए एडवोकेट जिष्णु चौधरी ने कहा था कि फ्री सिंबल किसी पार्टी की जागीर नहीं होते है। उनकी दलील थी कि आम चुनाव से उपचुनाव अलग होता है। इसके साथ ही कहा था कि सेकुलर फ्रंट एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल नहीं है। दो चुनावो में इस पार्टी ने लिफाफा सिंबल का इस्तेमाल किया था। इसके साथ ही उनका यह भी दावा था कि रणजी नगर विधानसभा के उपचुनाव में फ्रंट का उम्मीदवार अलमारी सिंबल को लेकर प्रचार कर रहा है। हालांकि सुनवाई के दौरान जस्टिस राव ने चुनाव आयोग से कई सवालों का जवाब मांगते हुए फैसले को रिजर्व कर लिया था।

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