जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार हांसी रानी रथ के खिलाफ दायर पिटीशन को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के तरफ से उनके नामांकन को चुनौती देते हुए मामला दायर किया गया था। जस्टिस कृष्णा राव ने मामले की सुनवाई के बाद फैसले को रिजर्व कर लिया था। जस्टिस राव ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। जस्टिस राव ने अपने आदेश में सवाल किया है कि अगर नामांकन से जुड़े दस्तावेजों को तलब कर भी लिया जाता है तो क्या इससे चुनाव परिणाम प्रभावित होगा। साथ ही सवाल किया है कि रिटर्निंग अफसर की इस गलती के कारण चुनाव परिणाम किस तरह प्रभावित हो सकता है। भाजपा उम्मीदवार की तरफ से बहस करते हुए एडवोकेट जीष्णु चौधरी ने कहा था कि इस मामले में कोई जनहित याचिका नहीं दायर की गई है। नामांकन पत्र के साथ दाखिल दस्तावेजों में इस मामूली सी गड़बड़ी के कारण उनके चुनाव लड़ने की योग्यता प्रभावित नहीं होती है। चुनाव आयोग की तरफ से बहस करते हुए एडवोकेट नायडू ने कहा कि इस पिटीशन की ग्रहणयोग्यता नहीं है। इस प्रसंग में उन्होंने स्कूटनी और नाम वापस लेने की तारीख का हवाला दिया। प्रदेश कांग्रेस की तरफ से दायर पिटीशन में एडवोकेट रिजू घोषाल ने आरोप लगाया था कि भाजपा उम्मीदवार हांसी रानी रथ की उम्र 61 साल है। उनकी तरफ से दाखिल दस्तावेजों को अगर मान ले तो उन्होंने दो साल की उम्र में माध्यमिक की परीक्षा को पास कर लिया था। यह भला कैसे संभव हो सकता है। रिटर्निंग अफसर ने नामांकन पत्र की जांच करते समय अपनी जिम्मेदारी को नहीं निभाया था या उन्होंने भाजपा उम्मीदवार की गलती को अनदेखी की थी। इस आधार पर इस नामांकन पत्र को खारिज किया जाए। जस्टिस राव ने उनकी दलील को मानने से इनकार कर दिया है।