जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य चुनाव आयोग ने एक ही दिन में 267 अफसरो का तबादला कर दिया। इनमें विभिन्न थानों के ओसी और विभिन्न ब्लॉक के बीडीओ शामिल हैं। सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने सोमवार को इसे चीफ जस्टिस सुजय पाल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन के डिवीजन बेंच में मेंशन किया। उन्होंने पीआईएल दायर करने के लिए लीव देने की अपील की तो चीफ जस्टिस ने अनुमति दे दी। उम्मीद है कि मंगलवार को ही इसकी सुनवाई होगी.
इस पीआईएल में तबादलों के खिलाफ त्रूटिगत प्रक्रिया का हवाला दिया गया है। तबादला किए जाने वाले इन अफसरों में 184 पुलिस वाले हैं तो 83 बीडीओ हैं। तबादला किए जाने वाले अफसरों में भवानीपुर और नन्दीग्राम थाने के ओसी भी शामिल हैं। इस पीआईएल के मुताबिक नन्दीग्राम के दोनों ब्लॉक के बीडीओ का भी तबादला कर दिया गया है। सबसे ज्यादा तबादला पूर्व मिदनापुर जिले में किया गया है। यहां उल्लेखनीय है कि चुनाव की घोषणा के बाद ही मुख्य सचिव,गृह सचिव, डी जी पी और सीपी जैसे आला अफसरों का तबादला कर दिया गया था। इस मामले में भी एक पीआईएल दायर की गई है। इसकी सुनवाई समाप्त होने के बाद चीफ जस्टिस के बेंच ने फैसले को रिजर्व कर लिया है। इस पीआईएल में भी सवाल उठाया गया है कि क्या चुनाव आयोग को इस तरह तबादला किए जाने का अधिकार है। इसमें राज्य के अधिकार का सवाल भी उठाया गया है। इस मामले में भी पैरवी करते हुए सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी और राज्य सरकार के एडवोकेट जनरल किशोर दत्त की दलील थी कि राज्य की सहमति से ही अफसरों का तबादला किया जा सकता है। यह उम्मीद की जा रही है कि चीफ जस्टिस का डिविजन बेंच मंगलवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाएगा।