कोलकाता सिटी

अटेंडेंस रजिस्टर और एसएम डायरी पेश करें

हासनाबाद के स्टेशन मास्टर को दिया आदेश

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सुजय पाल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन के डिविजन बेंच ने कहा है कि अगली सुनवाई में ऑरिजिनल अटेंडेंस रजिस्टर और स्टेशन मास्टर की डायरी कोर्ट में पेश की जाए। हासनाबाद रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को यह आदेश दिया गया है। हाई कोर्ट में एक पीआईएल दायर करते हुए आरोप लगाया गया है कि सुरक्षा कार्य से जुड़े कर्मचारियों से निर्धारित अवधि से अधिक समय तक काम लिया जा रहा है। जनवरी 2025 से 2026 जनवरी तक का ब्यौरा देना पड़ेगा।

तथागत दत्त ने यह पीआईएल दायर की है और उन्होंने इस मामले में खुद ही पैरवी की। इसमें कहा गया है कि अगर सुरक्षा कार्य से जुड़े कर्मचारियों से निर्धारित अवधि से अधिक समय तक काम लिया जाता है तो यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। चीफ जस्टिस ने कहा है इस पीआईएल का मकसद यात्रियों की सुरक्षा है इस लिए प्रथम दृष्टया यह जनस्वार्थ का मामला बनता है। रेलवे की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट ने कहा कि हासनाबाद रेलवे स्टेशन का 24 जनवरी को औचक निरीक्षण किया गया था। पाया गया कि वहां के कर्मचारी निर्धारित अवधि से अधिक घंटे तक काम करते हैं। दस्तावेज दाखिल करने के आदेश पर उन्होंने कोई एतराज नहीं जताया। तथागत दत्त ने पैरवी करते हुए कहा कि चीफ जस्टिस के बेंच ने 2023 में इस बाबत एक आदेश दिया था, पर स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। बेंच ने आदेश दिया है कि इस मामले में प्रतिवादी को एफिडेविट दाखिल करके बताना पड़ेगा कि क्या सुरक्षा से जुडे़ कर्मचारियों से निर्धारित अवधि से अधिक समय तक काम लिया गया था। पिछले फैसले में हाई कोर्ट ने उम्मीद जतायी थी कि रेलवे कोई ऐसा उपाय करेगा जिससे सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों से निर्धारित अवधि से अधिक समय तक काम नहीं लिया जाए। अगली सुनवाई में रेलवे को इस बाबत भी एफिडेविट में जानकारी देनी पड़ेगी।

SCROLL FOR NEXT