जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया की निगरानी के लिए सवा लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही काउंटिंग सेंटर के लिए चार हजार से अधिक कैमरे लगाएं जाएंगे। इस बाबत निर्वाचन आयोग की तरफ से निविदाएं मांगी गई है। इस निविदा को लेकर हाई कोर्ट में रिट दायर की गई है। जस्टिस कृष्णा राव ने मामले की सुनवायी के बाद पीटिशन को खारिज कर दिया।
इस निविदा को लेकर दायर रिट की सुनवायी के दौरान उपरोक्त तथ्यों का खुलासा हुआ। मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय तक निगरानी के लिए बूथों से लाइव वेब स्ट्रीमिंग की जाएगी। चुनाव आयोग की तरफ से पैरवी कर रही एडवोकेट अनामिका पांडे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बंगाल में 80,681 से अधिक पोलिंग बूथ हैं। सभी बूथों में सीसीटीवी के कैमरे इंस्टाल किए जाएंगे। इस तरह बूथों पर मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय की सीधी निगरानी बनी रहेगी। इनकी वेब कास्टिंग के जरिए मॉनिटरिंग की जाएगी। एक कैमरा बूथ के अंदर होगा तो दूसरा कैमरा बूथ के बाहर निगरानी के लिए लगाया जाएगा। इस दौरान चुनाव आयोग की तरफ से पैरवी करते हुए एडवोकेट एसएन मुखर्जी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव पहले और चुनाव बाद की हिंसा के लिए पश्चिम बंगाल की अपनी ख्याति है। काउंटिंग सेंटरों की मॉनिटरिंग भी वेब कास्टिंग सिस्टम के तहत की जाएगी। इस मामले को लेकर दायर पीटिशन के मुताबिक काउंटिंग सेंटरों के लिए चार हजार से अधिक कैमरों की आवश्यकता पड़ेगी। एडवोकेट मुखर्जी ने पैरवी करते हुए कहा कि 108 काउंटिंग सेंटरों के 421 काउंटिंग हॉल में ऑडियो वीडियो रिकार्डिंग के लिए सीसीटीवी कैमरें लगाएं जाएंग। प्रत्येक काउंटिंग हॉल में सात कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही काउंटिंग परिसरों में अन्य आवश्यकताओं के लिए दस कैमरे लगाए जाएंगे।