जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : योग्य, पर दागी नहीं, टीचर अपनी पुरानी नौकरी में वापस लौटना चाहते हैं। इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया के पूरी होने का इंतजार भी करना चाहते हैं, यह देखने को कि तकदीर में क्या लिखा है। उन्होंने पुरानी नौकरी में वापस जाने के लिए समय सीमा को बढ़ाने की अपील करते हुए हाई कोर्ट में रिट दायर की है। जस्टिस अमृता सिन्हा ने बुधवार को मामले की सुनवायी के बाद कहा कि उनकी तकदीर में क्या है यह निर्भर करेगा हाई कोर्ट के फैसले पर।
पिछली सुनवायी में जस्टिस सिन्हा ने सरकार से कहा था कि ये दागी नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कारण अपनी नौकरी गवां चुके हैं। अगर उन्हें वापस उनकी पुरानी नौकरी में नहीं जाने दिया जाता है तो इसका असर उनके जीवनयापन पर पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि योग्य टीचर चाहे तो अपनी पुरानी नौकरी में वापस जा सकते हैं। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस सिन्हा ने एजी से कहा कि ये लोग आपकी दया पर निर्भर हैं। इसके जवाब में एजी ने कहा कि उन्हें पता है कि कोर्ट के दिमाग में क्या चल रहा है। इसके जवाब में जस्टिस सिन्हा ने कहा कि तो फिर इसे कोर्ट पर ही छोड़ दीजिए। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि योग्य टीचर अपनी पुरानी नौकरी में 31 दिसंबर तक वापस जा सकते हैं। उस वक्त यह उम्मीद थी कि नियुक्ति प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी हो जाएगी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे बढ़ा कर 31 अगस्त 2026 कर दिया है। इन टीचरों की अपील है कि पुरानी नौकरी में वापस जाने की समय सीमा को इसी तर्ज पर बढ़ा दिया जाए। पर एजी की दलील है कि 31 दिसंबर तक की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। अब ये अपनी पुरानी नौकरी पर वापस नहीं जा सकते हैं। जस्टिस सिन्हा ने कहा कि अगर सरकार इन्हें इनकी पुरानी नौकरी पर वापस लेना चाहे तो हाई कोर्ट में दायर मामला रोड़ा नहीं बनेगा।