जितेंद्र सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : एक मेडिकल स्टोर के मालिक को पुलिस ने फैंसीडील (कॉफ सिरप) स्टोर करने के मामले में गिरफ्तार किया था। उसने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। जस्टिस तीर्थंकर घोष ने मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त को जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश दिया। इसके साथ ही सवाल किया कि किस कानून के तहत अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया था। राज्य सरकार फैंसीडील सिरप के स्टोर करने पर किसी पाबदी का प्रावधान पेश नहीं कर पायी।
एडवोकेट चेतना रुस्तगी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल अप्रैल में पुलिस ने पेटीशनर को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ आरोप था कि उसके मेडिकल स्टोर से करीबन 159 लीटर कोडीन मिक्सड कॉफ़ सिरप (फैंसीडील) और पाइवन (pyeevon) टैबलेट्स बरामद किया गया था। वह जांच के समय कोई कागजात नहीं दिखा पाया था. उसकी तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट प्रवीर कुमार मित्रा की दलील थी कि पेटीशनर एक वरिष्ठ नागरिक है और पुलिस ने उसे झूठे मामले में फसाया है। राज्य सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट ने जमानत दी जाने का तीखा विरोध किया। उनकी दलील थी कि इस दुकान से बड़ी मात्रा में फैंसीडील बरामद किया गया है। अभियुक्त के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दायर किया गया है। इसलिए यह जमानत याचिका खारिज की जानी चाहिए। जस्टिस घोष ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य सरकार यह साबित नहीं कर पाई है कि अभियुक्त अवैध तरीके से किसी ड्रग लाइसेंस के बगैर अपना कारोबार कर रहा था। इसके अलावा जप्त किए गए फैंसीडील का प्रोडक्शन करने वाली कंपनी से बैच नंबर नहीं मांगा गया था। इसके अलावा राज्य सरकार यह साबित नहीं कर पाई है कि किसी दवा की दुकान में रखें जाने वाले फैंसीडिल कॉफ सीरप की लिमिट का निर्धारण किया गया है। जस्टिस घोष ने कहा कि उन्होंने कानून का अध्ययन करने के बाद यह पाया है कि उत्तर प्रदेश में इस तरह के कॉफ सीरप रखे जाने की सीमा का निर्धारण किया गया है। उत्तर प्रदेश में होलसेलर 100 एमएल की अधिकतम एक हजार बोतल रख सकता है। खुदरा विक्रेताओं के लिए यह सीमा सौ बोतल है। राज्य सरकार ऐसा कोई आदेश नोटिफिकेशन व सरकुलेशन पेश नहीं कर पाई है जिसमें यह परिभाषित किया गया हो कि होलसेलर और रिटेल मेडिकल दुकान में कितनी मात्रा में फैंसीडील कॉफ सिरप रखा जा सकता है। लिहाजा अभियुक्त की जमानत याचिका मंजूर की जाती है। इसके साथ ही आदेश दिया है कि उसे कोर्ट में हर तारीख पर उपस्थित रहना पड़ेगा।