कोलकाता सिटी

बजट में बायोफार्मा और बायोसिमिलर को बढ़ावा दिये जाने का स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने किया स्वागत

रूपक बरुआ

कोलकाता : केंद्रीय बजट 2026–27 में बायोफार्मा और बायोसिमिलर को बढ़ावा देने, कैंसर दवाओं को सस्ता करने, मानसिक स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार और नॉन–कम्युनिकेबल डिजीज की रोकथाम पर जोर को लेकर देश के प्रमुख अस्पताल समूहों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बजट को भविष्य उन्मुख और सकारात्मक बताया है। वुड्लैंड्स मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ और एसोसिएशन ऑफ हॉस्पिटल्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया के अध्यक्ष रूपक बरुआ ने कहा कि बजट 2026–27 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे रखने का लक्ष्य सरकार की मैक्रो–इकोनॉमिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 10,000 करोड़ रुपये की बायोफार्मा शक्ति पहल डायबिटीज, कैंसर और कार्डियक डिजीज जैसी नॉन–कम्युनिकेबल डिजीज के लिए भारत के बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर इकोसिस्टम को मज़बूत करेगी। उन्होंने कहा कि राज्यों में पीपीपी मॉडल पर पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने का प्रस्ताव डायग्नोस्टिक्स, रिहैबिलिटेशन और मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को बढ़ावा देगा।

डॉ. सुदर्शन एच. बल्लाल

मणिपाल हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. सुदर्शन एच. बल्लाल ने कहा कि बायोफार्मा शक्ति पहल से आयातित दवाओं पर निर्भरता घटेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं की लागत कम होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि नॉन–कम्युनिकेबल डिजीज अब संक्रामक बीमारियों से अधिक मृत्यु का कारण बन चुकी हैं और लगभग दो–तिहाई मरीजों का इलाज आज भी पर्याप्त नहीं हो पाता। ऐसे में बायोसिमिलर पर जोर बेहद प्रासंगिक है। कैंसर और दुर्लभ रोगों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में कटौती, मेडिकल टूरिज़्म, हेल्थकेयर वर्कफोर्स ट्रेनिंग, जेरियाट्रिक केयर और आयुष को आधुनिक चिकित्सा के साथ जोड़ने का प्रयास एक समग्र स्वास्थ्य प्रणाली की ओर इशारा करता है।

डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी

नारायण हेल्थ के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी ने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से क्षेत्रीय मेडिकल हब का विकास भारत को वैश्विक मेडिकल वैल्यू डेस्टिनेशन के रूप में और सुदृढ़ करेगा। जिला अस्पतालों में आपात एवं ट्रॉमा केयर क्षमता बढ़ाना, दूसरा निमहांस और क्षेत्रीय मानसिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करना जमीनी स्तर पर बड़ी ज़रूरतों को संबोधित करता है।

डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य

दिशा आई हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बायोफार्मा शक्ति पहल नॉन–कम्युनिकेबल डिजीज के बोझ को कम करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। हालांकि, समग्र स्वास्थ्य फोकस के बीच प्रिवेंटिव आई केयर पर और अधिक ध्यान दिए जाने की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि आज भी समय पर आंखों की जांच और इलाज आम लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। टियर–2 और टियर–3 शहरों में व्यापक स्क्रीनिंग कार्यक्रमों और पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।

पार्थिव नेवटिया

अंबुजा नेवटिया हेल्थकेयर वेंचर लिमिटेड के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर पार्थिव नेवटिया ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट भारत के हेल्थकेयर और बायोफार्मा सेक्टर के लिए दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। उन्होंने बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान को घरेलू नावाचार को बढ़ावा देने, आयात निर्भरता कम करने और भारत को वैश्विक लाइफ साइंसेज इकोसिस्टम में मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब विकसित करने की घोषणा का भी स्वागत किया और कहा कि इससे विश्वस्तरीय मेडिकल टूरिज्म इकोसिस्टम तैयार होगा।

डॉ. मिनु बुधिया

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बजट में की गई घोषणाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए केयरिंग माइंड्स इंटरनेशनल की संस्थापक डॉ. मिनु बुधिया ने कहा कि वर्षों से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को समाज में टैबू की तरह देखा गया है और इससे जूझ रहे लोगों को चुप रहने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने उत्तर भारत में निमहांस-2 की स्थापना और रांची एवं तेजपुर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में उन्नत करने के निर्णय को बेहद सकारात्मक बताया।

राजेंद्र खंडेलवाल

धन्वंतरि समूह के चेयरमैन राजेंद्र खंडेलवाल ने कहा कि बजट को तीन विशेष मुद्दों इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य सेवाएं एवं युवा शक्ति को ध्यान में रखते हुए, 12.2 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। आयुर्वेद शिक्षा, उपचार, योग, कैंसर उपचार के लिए जिला अस्पताल की व्यवस्था और 75,000 नयी एमबीबीएस सीटों का भी प्रावधान किया गया है।

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