पाकिस्तानी हैंडलर ने दिया था हमीम को निर्देश
झारखंड से गिरफ्तार की गयी हमीम का महिला मित्र अर्पिता
दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बर्दवान से आईएसआई से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार हमीम मंडल और उसकी महिला मित्र अर्पिता सरकार से पूछताछ में कई सनसनीखेज जानकारियां सामने आई हैं। राज्य पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स के आईजी गौरव शर्मा ने शनिवार को प्रेस वार्ता में दावा किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए छात्र आंदोलन के दौरान भी बड़ी हिंसा या हमले को अंजाम देने की साजिश रची गई थी। इसके लिए हमीम को पुलिस की वर्दी का इंतजाम करने को कहा गया था हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि हमीम जंतर-मंतर गया था या नहीं और पुलिस की वर्दी की व्यवस्था कर पाया था या नहीं, इसकी जांच अभी जारी है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर ने हमीम को दिल्ली के जंतर मंतर पर जाने को कहा था। इसके अलावा हमीम पिछले कुछ महीने में विदेश गया था या नहीं, इसकी जांच चल रही है। एसटीएफ के अनुसार हमीम पिछले 3 महीने से इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। हमीम को राज्य में नेटवर्क के विस्तार का काम भी दिया गया था।
मुख्यमंत्री ही नहीं, कई पुलिस अधिकारी और नेता भी थे निशाने पर
एसटीएफ के अनुसार जांच में यह सामने आया है कि कथित साजिश का निशाना केवल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ही नहीं थे, बल्कि कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रमुख राजनेता भी निशाने पर थे। आईजी गौरव शर्मा ने बताया कि कुछ समय पहले सूचना मिली थी कि उत्तर हावड़ा के एक विधायक एवं मंत्री के बेटे को हनीट्रैप में फंसाकर उसका अपहरण करने और फिर फिरौती वसूलने की योजना बनाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर शुरू हुई जांच के दौरान एसटीएफ इस कथित आतंकी और आपराधिक नेटवर्क तक पहुंचने में सफल हुई।
इंस्टाग्राम से हुई पहचान, पाकिस्तान तक जुड़े तार
एसटीएफ के मुताबिक करीब चार वर्ष पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से हमीम मंडल और अर्पिता सरकार की पहचान हुई थी। बाद में दोनों के बीच करीबी संबंध बन गए और वे नियमित रूप से मिलते रहे। जांच में दावा किया गया है कि पिछले कुछ महीनों से अर्पिता के जरिए हमीम अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा था। पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को 'राना', 'उजेर', 'आबिद जाट333' और 'हमाद' जैसे कई संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल की जानकारी मिली है। एसटीएफ का दावा है कि ये सभी कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडल हैं और पिछले दो-तीन महीनों से हमीम इनके संपर्क में था। शुरुआत में इंस्टाग्राम और बाद में वॉट्सएप तथा टेलीग्राम के जरिए बातचीत होती थी।
पाकिस्तानी गैंगस्टर और आईएसआई से संपर्क का संदेह
एसटीएफ को संदेह है कि ये सोशल मीडिया हैंडल पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार किया जाता था और युवाओं को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की जाती थी। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के लिए ब्रिटेन और मेक्सिको के सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था।
मुख्यमंत्री की गतिविधियों पर नजर रखने का था जिम्मा
एसटीएफ के अनुसार पाकिस्तान समर्थित इस नेटवर्क ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को भी निशाना बनाने की योजना बनाई थी। जांच में सामने आया है कि हमीम को मुख्यमंत्री की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने का जिम्मा सौंपा गया था। उसे यह पता लगाने के निर्देश दिए गए थे कि मुख्यमंत्री कब और कहां अपेक्षाकृत कम सुरक्षा घेरे में रहते हैं। आईजी गौरव शर्मा ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान भी पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल कर हिंसा फैलाने या किसी बड़े हमले की योजना के संकेत मिले हैं। साथ ही कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और राजनेताओं को भी कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा था।
अर्पिता की भूमिका की भी जांच जारी
एसटीएफ अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि अर्पिता को कथित तौर पर ब्रेनवॉश कर इस नेटवर्क से जोड़ा गया था या वह आर्थिक लाभ के लालच में इसमें शामिल हुई। अधिकारियों के अनुसार इस संबंध में अभी जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।