नेहा , सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : चार सौ करोड़ रुपये से अधिक जीएसटी चोरी के एक बड़े मामले में सीजीएसटी की टीम ने शहर के एक व्यवसायी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम जितेंद्र कुमार चौरसिया बताया गया है। वह पेशे से सिगरेट व्यापारी है और बालीगंज फाड़ी क्षेत्र का निवासी है। उसका व्यापारिक कार्यालय राजाकटरा में स्थित है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चौरसिया पर आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) के फर्जीवाड़े के माध्यम से जीएसटी चोरी करने का गंभीर आरोप है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने 2021 से 2025 के बीच विभिन्न फर्जी कंपनियों और बिलों का इस्तेमाल कर लगभग 400 करोड़ रुपये से अधिक का कर चोरी किया। सीजीएसटी की टीम लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही थी और सबूत जुटाने के बाद बुधवार को उसे गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को बुधवार को अलीपुर अदालत में पेश किया गया। अदालत में जीएसटी विभाग की ओर से अधिवक्ता अभ्रदीप माइती और देवज्योति भारती ने अभियुक्त की जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि मामला अत्यंत गंभीर है और इसमें भारी वित्तीय अनियमितता शामिल है। उन्होंने दलील दी कि जांच को आगे बढ़ाने और अन्य संभावित सहयोगियों का पता लगाने के लिए अभियुक्त को हिरासत में रखना आवश्यक है।
वहीं, अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता संजय दासगुप्ता ने जमानत की अर्जी दायर करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और जीएसटी विभाग ने बिना ठोस सबूत के गिरफ्तारी की है। उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी जांच में सहयोग करने को तैयार है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे 26 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में और भी कई लोगों की संलिप्तता की जांच चल रही है। जीएसटी विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आरोपी ने किन-किन कंपनियों के माध्यम से फर्जी बिल बनाए और सरकार को कितने का राजस्व नुकसान पहुंचाया। यह गिरफ्तारी राज्य में जीएसटी फर्जीवाड़े के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।